नई दिल्ली : भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने सिलिकॉन वैली ओपन में अपने प्रदर्शन से सबको चौंका दिया है। 18 साल की अनाहत सिंह ने पहले आठ बार की विश्व चैंपियन मिस्र की नूर एल शेरबिनी को सीधे गेम में हराकर उलटफेर किया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में मिस्र की छठी वरीयता प्राप्त सलमा हानी को पांच गेम तक चले मुकाबले में मात देकर पहली बार पीएसए गोल्ड स्तर के टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई।
अनाहत सिंह की नजरें अब मलेशिया की दुनिया की चौथे नंबर की खिलाड़ी और मौजूदा एशियन गेम्स चैंपियन शिवसंगरी सुब्रमण्यम को हराने पर होंगी। एशियन गेम्स के फाइनल में अनाहत सिंह को शिवसंगरी सुब्रमण्यम के खिलाफ हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। ऐसे में सेमीफाइनल में उनके पास उस हार का हिसाब चुकता करने का मौका होगा। अनाहत सिंह का सामना गुरुवार को नूर अल शेरबिनी से हुआ। कई लोग नूर अल शेरबिनी को स्क्वैश के इतिहास की सबसे महान खिलाड़ी मानते हैं। हालांकि, मैच से पहले भारत के मुख्य कोच हरिंदर पाल संधू का मानना था कि अनाहत सिंह के पास इस दिग्गज के खिलाफ जीतने का मौका है।
इसका एक स्पष्ट कारण जूनियर विश्व चैंपियन अनाहत सिंह का हालिया प्रदर्शन और अपनी रैंकिंग से बेहतर खेलने की उनकी क्षमता थी। दूसरा कारण नूर एल शेरबिनी का उतार-चढ़ाव भरा फॉर्म था। नूर एल शेरबिनी ने टूर पर अपने पिछले सात मैचों में से चार हारे थे और इस सीजन में वह अपनी पुरानी लय में नजर नहीं आ रही थीं। अंततः अनाहत ने हरेंद्र की बात को पूरी तरह से सही साबित कर दिया। अपनी प्रतिद्वंद्वी की प्रतिष्ठा और उनके प्रति अपने मन में मौजूद सम्मान से बेफिक्र होकर इस भारतीय खिलाड़ी ने अपना ऐसा आक्रामक खेल दिखाया, जिसने उन्हें स्क्वैश की सबसे रोमांचक प्रतिभाओं में से एक बना दिया। सिलिकॉन वैली ओपन के राउंड ऑफ 16 में आठ बार की विश्व चैंपियन को 11-8, 11-8, 11-7 से हार का सामना करना पड़ा।
नूर एल शेरबिनी के खिलाफ जीत के बाद अनाहत सिंह ने इसे अपने लिए अविश्वसनीय अनुभव बताया। अनाहत सिंह ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि मुकाबला इस तरह आगे बढ़ेगा। उनकी योजना पहले खेल की गति को समझने और फिर अपनी रणनीति लागू करने की थी, जो कारगर रही। अनाहत सिंह ने नूर एल शेरबिनी के प्रति अपना सम्मान भी जाहिर किया। अनाहत सिंह ने कहा कि वह बचपन से उनके मुकाबले देखती आई हैं और उन्हें दुनिया की सर्वश्रेष्ठ स्क्वैश खिलाड़ियों में से एक मानती हैं। उनके साथ कोर्ट साझा करना ही सम्मान की बात है और उन्हें हराना उनके लिए बेहद खास है।
सिलिकॉन वैली ओपन अमेरिका के रेडवुड सिटी में हो रहा है। यह पीएसए गोल्ड स्तर का टूर्नामेंट है। इसमें दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलता है। इस स्तर के टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को विश्व रैंकिंग में सुधार के लिए महत्वपूर्ण अंक मिलते हैं। टूर्नामेंट की कुल पुरस्कार राशि एक लाख 43 हजार 500 अमेरिकी डॉलर (करीब एक करोड़ 36 लाख 22 हजार 864 रुपये) है। अनाहत सिंह के लिए इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुंचना न सिर्फ एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि शीर्ष अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के बीच अपनी क्षमता साबित करने का अवसर भी है।


