(NST News) भोपाल. जबलपुर के रांझी खेल परिसर में छह महीने से बंद तीरंदाजी अकादमी आखिरकार फिर खुल गई। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने खिलाड़ियों के इंतजार को खत्म करते हुए अभ्यास की शुरुआत कराई। पहले ही दिन खिलाड़ी उत्साह के साथ मैदान में तीर चलाते नजर आए। अधिकारियों का कहना है कि अब बेहतर सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर के संसाधनों से खिलाड़ियों का प्रदर्शन और सुधरेगा।
टैलेंट सर्च प्रोग्राम शुरू किया
अकादमी के उद्घाटन के साथ ही टैलेंट सर्च प्रोग्राम भी शुरू किया गया। इसमें नए खिलाड़ियों को मौका दिया जा रहा है ताकि भविष्य में राज्य और देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाने वाले तीरंदाज तैयार हो सकें। पहले दिन बड़ी संख्या में बच्चे और युवा शामिल हुए और अपने कौशल का प्रदर्शन किया। प्रशिक्षकों का कहना है कि लगातार अभ्यास से खिलाड़ी जल्दी बेहतर परिणाम देंगे।
अकादमी अब अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में शिफ्ट
अकादमी अब अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में शिफ्ट हो गई है। नई जगह पर खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के टारगेट, आधुनिक उपकरण और अनुभवी कोच मिलेंगे। गोकलपुर तालाब क्षेत्र प्राकृतिक रूप से तीरंदाजी के लिए उपयुक्त है। शांत और खुला वातावरण खिलाड़ियों को ध्यान केंद्रित कर अभ्यास करने में मदद करता है।अकादमी खुलने से खिलाड़ियों और उनके परिजनों में खुशी देखी गई। छह महीने तक अभ्यास बंद रहने से उनका प्रदर्शन प्रभावित हो रहा था, लेकिन अब नए जोश के साथ प्रशिक्षण शुरू हो गया है। कोचों का कहना है कि निरंतर अभ्यास और बेहतर सुविधाएं मिलने से खिलाड़ियों का प्रदर्शन निश्चित ही बेहतर होगा। भविष्य में इस अकादमी से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का नाम रोशन करेंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश तीरंदाजी में देश का अग्रणी केंद्र बने। टैलेंट सर्च प्रोग्राम से नए खिलाड़ी भी इस खेल में अपनी पहचान बनाएंगे।


