विश्व कप फाइनल के बाद बढ़ीं अर्जेंटीना की मुश्किलें, खिलाड़ियों पर बैन का खतरा

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नई दिल्ली : फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन से हार के बाद अर्जेंटीना के कुछ खिलाड़ियों की स्पेनिश खिलाड़ियों के साथ तीखी नोकझोंक और कथित झड़प देखने को मिली। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस घटना के बाद लियोनेल मेसी की टीम के कुछ खिलाड़ियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है। न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में 20 जुलाई को खेले गए फाइनल के बाद हुई इस घटना को लेकर फीफा ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। जांच में उपलब्ध वीडियो फुटेज, मैच अधिकारियों की रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किसी खिलाड़ी ने अनुशासनात्मक नियमों का उल्लंघन किया है या नहीं।

स्पेन ने अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर इतिहास रचते हुए दूसरी बार फीफा विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। हालांकि, अंतिम सीटी बजने के बाद मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच हुई तीखी झड़प ने जीत के जश्न पर विवाद की छाया डाल दी। स्पेन के खिलाड़ी ट्रॉफी जीतने का जश्न मना रहे थे, तभी अर्जेंटीना के कुछ खिलाड़ी उनसे उलझ पड़े और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इस घटना को लेकर फुटबॉल जगत में व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

स्पेन की जीत के बाद खिलाड़ियों में बढ़ा तनाव, मैदान पर हुआ विवाद

लिएंड्रो पारेडेस और थियागो अल्माडा को स्पेन के मिडफील्डर गैवी को जमीन पर गिराते हुए देखा गया। एक अन्य घटना में पारेडेस ने स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया की गर्दन पकड़ ली। नाहुएल मोलिना भी स्पेन के मिडफील्डर रोड्री को घुसा मारते दिखे। अनुभवी डिफेंडर निकोलस ओटामेंडी की रोड्री के साथ गरमागरम बहस हुई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कहा जा रहा है कि फाइनल से पहले स्पेन के डिफेंडर एमेरिक लापोर्टे ने कुछ छींटाकशी की थी। अर्जेंटीना के असिस्टेंट कोच रॉबर्टो अयाला की स्पेन के मिडफील्डर डैनी ओल्मो से झड़प हुई।

विवाद के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों की बढ़ीं मुश्किलें

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फीफा की अनुशासन संहिता के अनुच्छेद 14 के अनुसार यदि कोई खिलाड़ी हिंसक व्यवहार का दोषी पाया जाता है, तो उस पर न्यूनतम तीन मैचों का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। नियमों के तहत हमला करना, कोहनी मारना, मुक्का या लात चलाना, काटना, थूकना अथवा प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी, टीम स्टाफ या मैच अधिकारियों के साथ हिंसक आचरण जैसी घटनाएं गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आती हैं। जांच में आरोप साबित होने पर संबंधित खिलाड़ियों को निलंबन के साथ अन्य अनुशासनात्मक दंड का भी सामना करना पड़ सकता है।

खिलाड़ियों पर और क्या कार्रवाई हो सकती है?

यदि फीफा की जांच में अर्जेंटीना के खिलाड़ियों पर लगे आरोप सही पाए जाते हैं, तो किसी भी तरह का प्रतिबंध टीम के अगले आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से प्रभावी होगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खिलाड़ियों पर मैचों के प्रतिबंध के अलावा आर्थिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है। वहीं, यदि फीफा यह निष्कर्ष निकालता है कि पूरी टीम या उसके अधिकारियों का आचरण अनुशासनहीन रहा, तो अर्जेंटीना फुटबॉल संघ (एएफए) के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इसमें जुर्माना, आधिकारिक चेतावनी, कड़ी फटकार या अन्य प्रशासनिक दंड शामिल हो सकते हैं। गंभीर परिस्थितियों में फीफा अपने अनुशासनात्मक नियमों के तहत मामले की गंभीरता के अनुरूप अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने का भी अधिकार रखता है।

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