नई दिल्ली: भारतीय हॉकी टीम के स्टार फॉरवर्ड अभिषेक ने हाल ही में हुए एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। फाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर न केवल खिताब अपने नाम किया, बल्कि 2026 हॉकी वर्ल्ड कप के लिए भी क्वालिफाई कर लिया। टूर्नामेंट में अभिषेक ने छह गोल किए और कई मौकों पर गोल बनाने में टीम की मदद की। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का खिताब भी दिया गया।
हॉकी स्टार अभिषेक: “रोनाल्डो से मिलता है मुझे प्रेरणा”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभिषेक ने बताया कि उनके शुरुआती कोच शमशेर दहिया अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी के बड़े प्रशंसक हैं और चाहते थे कि अभिषेक भी वैसा ही खेलें। लेकिन अभिषेक ने हमेशा क्रिस्टियानो रोनाल्डो को अपना आदर्श माना। उन्होंने कहा, “मैं रोनाल्डो के मैच देखता हूं और उनसे स्कोरिंग, पोजिशनिंग, टाइमिंग और शूटिंग के बारे में सीखता हूं। फुटबॉल और हॉकी दोनों ही टीम गेम हैं, और रनिंग व स्टैमिना का अहम रोल होता है। रोनाल्डो मेरी प्रेरणा हैं।”
अभिषेक का सफर: सरदार से प्रेरणा लेकर हॉकी की दुनिया में कदम
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभिषेक ने बताया कि उन्होंने भारतीय हॉकी के दिग्गज सरदार सिंह को देखकर ही हॉकी खेलना शुरू किया। हालांकि, जब तक वह टीम में आए, सरदार सिंह पहले ही रिटायर हो चुके थे। अपने भाई आशीष और एक दोस्त से प्रेरणा लेकर उन्होंने पहली बार हॉकी स्टिक थामी। बचपन में कलाई में चोट लगने के कारण माता-पिता ने उन्हें हॉकी खेलने से मना किया, लेकिन उनके कोच ने उन्हें फिर से मैदान में लौटने में मदद की। अभिषेक आज भी अपने पहले कोच, जो कि हिंदी शिक्षक भी थे, से सलाह लेते हैं। उन्होंने कहा, “शमशेर सर को भले ही आधुनिक हॉकी की ज्यादा जानकारी न हो, लेकिन वह मेरे खेल को बहुत अच्छे से समझते हैं।”
अभिषेक का नया लक्ष्य: विश्व कप और ओलंपिक पदक
पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक और हांगझोउ एशियाई खेल 2022 में स्वर्ण पदक जीतने वाले हॉकी स्टार का अगला सपना विश्व कप जीतना है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “हमने 50 वर्षों से विश्व कप नहीं जीता। मुझे लगता है कि हमारी टीम में वो काबिलियत है। हमें सिर्फ निरंतरता और फिनिशिंग पर काम करना होगा।” अभिषेक ने यह भी कहा कि भारतीय हॉकी को फिर से स्वर्णिम दौर में ले जाने के लिए टीम को जीतने की आदत डालनी होगी और अब ओलंपिक में सिर्फ कांस्य नहीं, बल्कि सोने का पदक चाहिए।
अभिषेक ने बताया जश्न का अपना अंदाज: परिवार के साथ समय बिताना
एशिया कप में जीत के बाद अभिषेक ने कोई बड़ा जश्न नहीं मनाया। उनका मानना है कि परिवार के साथ समय बिताना ही सबसे बड़ा जश्न है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “टूर्नामेंट में परिवार नहीं आ पाया क्योंकि भाभी मां बनने वाली हैं। लौटने के बाद हमने सबने मिलकर डिनर किया। यही मेरे लिए जश्न जैसा था।”
अभिषेक: पीएनबी में मैनेजर और हॉकी में भारत के लिए 48 गोल
अभिषेक इस समय पंजाब नेशनल बैंक में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अब तक भारत के लिए 113 मैचों में 48 गोल किए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभिषेक ने कहा, “अब विश्व कप की तैयारी के लिए हमारे पास पर्याप्त समय है। मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है और मैं बेसिक्स को सुधारने पर काम कर रहा हूं।”


