एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला हॉकी टीम की बड़ी जीत, थाईलैंड को 20-1 से हराया

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नई दिल्ली : भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के पूल बी मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए थाईलैंड को 20-1 से हराकर जीत का सिलसिला जारी रखा। भारत की ओर से दीपिका ने एक बार फिर दमदार प्रदर्शन किया और अकेले 9 गोल दागे। उनके सभी गोल पेनल्टी कॉर्नर के जरिए आए। वहीं, नवनीत कौर और ऋतुजा दादासो ने हैट्रिक लगाकर टीम की बड़ी जीत में अहम योगदान दिया। थाईलैंड की टीम को मैच के आखिरी दौर में एकमात्र गोल करने में सफलता मिली।

दीपिका ने अपने ही रिकॉर्ड में किया सुधार

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम अब तक तीन मैचों में 56 गोल दाग चुकी है। दीपिका एशियन गेम्स में महिला हॉकी के एक मैच में सबसे ज्यादा गोल करने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। उन्होंने इस मामले में अपने ही रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। इससे पहले दीपिका ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ मैच में आठ गोल किए थे। भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाड में अब तक अपने सभी तीनों मैच जीते हैं। भारत ने इससे पहले उज्बेकिस्तान और इंडोनेशिया को हराया था। अब उनका सामना 25 सितंबर को जापान से होगा।

भारत के लिए दीपिका ने (दूसरा, आठवां, नौवां, 24वां, 33वां, 36वां, 39वां, 51वां और 57वां मिनट) ने नौ गोल दागे। अनुभवी फॉरवर्ड नवनीत कौर ने चार (चौथा मिनट, 29वां, 35वां और 51वां ) और ऋतुजा पिसाल ने तीन (10वां, 11वां और 47वां) गोल दागे। वहीं अनुभवी मिडफील्डर नेहा (19वां), लालरेम्सियामी (26वां), साक्षी राणा (29वां) और कप्तान सलीमा टेटे (45वां) ने एक एक गोल किए। थाईलैंड के लिए एकमात्र गोल 49वें मिनट में इम्पा कुंजिरा ने किया।

पहले मिनट से भारत का दबदबा कायम

भारतीय टीम ने पूरे मैच में आक्रामक खेल दिखाया और लगातार विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। शानदार अटैक और बेहतरीन तालमेल के दम पर भारत ने मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण रखा और विपक्ष को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। थाईलैंड चौथे क्वार्टर के आखिर में एक गोल करने में कामयाब हो सका। पेनल्टी कॉर्नर से सुपांसा समंसो का ड्रैग-फ्लिक थोड़ा डिफ्लेक्ट होकर भारतीय गोल में चला गया, जिससे थाईलैंड को मैच का एकमात्र गोल मिला।

भारत की यह जीत पूल बी में उसके शानदार प्रदर्शन का हिस्सा रही। इससे पहले टीम ने इंडोनेशिया को 17-1 से हराकर अपनी जबरदस्त गोल करने की क्षमता दिखाई थी। उस मुकाबले में दीपिका, ऋतुजा पिसल और नवनीत कौर ने हैट्रिक लगाई थी। वहीं, सुनेलिता टोप्पो, लालरेम्सियामी और साक्षी ने दो-दो गोल किए थे, जबकि इशिका और कप्तान सलीमा टेटे ने भी गोल दागे थे।

भारत की नजरें अब स्वर्ण पदक पर

भारतीय महिला हॉकी टीम का अगला मुकाबला शुक्रवार को जापान से होगा। इस मैच में एक और मजबूत प्रदर्शन टीम को नॉकआउट चरण से पहले अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद कर सकता है। भारतीय टीम की नजरें हांगझोउ एशियन गेम्स में जीते गए कांस्य पदक से बेहतर प्रदर्शन करने पर हैं। टीम 1982 के बाद महिला हॉकी में अपना पहला एशियन गेम्स स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतर रही है।

भारत ने 1982 में घरेलू मैदान पर आयोजित एशियन गेम्स में महिला हॉकी का अपना पहला स्वर्ण पदक जीता था। इस बार भी भारतीय टीम शानदार लय में नजर आ रही है। लगातार 3 जीत और शुरुआती मुकाबलों में 56 गोल करने के साथ भारत ने पूल बी की मजबूत टीमों में अपनी जगह बनाई है। टीम का आक्रमण अब तक बेहद प्रभावशाली रहा है, जबकि डिफेंस ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीमों पर दबाव बनाए रखा है।

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