नई दिल्ली : जय मीणा ने 3 गेम से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए जापान के ताकुया कुरोसाका के खिलाफ मुकाबले में रोमांच पैदा कर दिया, लेकिन वह जीत दर्ज नहीं कर सके। हालांकि, सेमीफाइनल में हार के बावजूद जय मीणा इतिहास रचने में सफल रहे। उनकी शानदार वापसी ने मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया और भारतीय खिलाड़ी ने सॉफ्ट टेनिस में देश के लिए ऐतिहासिक पदक पक्का कर लिया। 26 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने एशियाई खेलों में भारत के लिए सॉफ्ट टेनिस का पहला पदक पक्का किया। ताकुया कुरोसाका ने 45 मिनट तक चले मुकाबले में जय मीणा को 2-4 से हराकर फाइनल में जगह बनाई, जबकि जय मीणा को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
तीसरे एशियन गेम्स में जय मीणा ने जीता ऐतिहासिक पदक
अपने तीसरे एशियाई खेलों में खेल रहे जय मीणा ने तीन गेम से पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी की, लेकिन वह लय बरकरार नहीं रख पाए और ताकुया कुरोसाका से 2-4 (3-5, 1-4, 1-4, 4-1, 6-4, 1-4) से हार गए। मध्य प्रदेश के देवास के रहने वाले और 2022 के राष्ट्रीय खेलों के स्वर्ण पदक विजेता जय मीणा को शुरुआत में अपनी लय हासिल करने में संघर्ष करना पड़ा।
जय मीणा ने वापसी से मुकाबले में बढ़ाया रोमांच
ताकुया कुरोसाका को पहले तीन गेम जीतने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का करने वाले जय मीणा ने शानदार वापसी की। उन्होंने चौथे गेम को आसानी से 4-1 से जीता और फिर पांचवें गेम को 6-4 से जीतकर फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जीवंत रखा। ताकुया कुरोसाका ने हालांकि छठे गेम में वापसी की और 4-1 से मुकाबला जीतकर फाइनल में जगह पक्की की।
इस तरह से जय मीणा को कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा। इससे पहले दिन में जय मीणा ने क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के शेरविन नुगिट को 4-3 (0-4, 4-2, 2-4, 4-2, 5-3, 2-4, 7-5) से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। जय मीणा ने इससे पहले 2018 और 2022 के एशियन गेम्स में भी हिस्सा लिया था, लेकिन दोनों ही मौकों पर वह पदक दौर तक पहुंचने में सफल नहीं रहे थे। इस बार उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रुप डी के मुकाबले में पाकिस्तान के अराइन हुसैन को 4-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। जय मीणा इससे पहले 2024 विश्व सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप की मिश्रित युगल स्पर्धा में कांस्य पदक जीत चुके हैं।


