नई दिल्ली: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने भारतीय क्रिकेट टीम से संयुक्त अरब अमीरात में होने वाले आगामी एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने की अपील की है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि “खून और पानी एकसाथ नहीं बह सकते” और देशहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। हरभजन हाल ही में वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स में उस भारतीय चैंपियन टीम का हिस्सा रहे, जिसने सेमीफाइनल सहित पाकिस्तान चैंपियन टीम के साथ खेलने से साफ इनकार कर दिया था।
WCL 2025 में भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से किया इनकार
भारत, पहले WCL टूर्नामेंट का विजेता और मौजूदा चैंपियन, इस बार खिताब की दौड़ में इसलिए पीछे रह गया क्योंकि कप्तान युवराज सिंह, शिखर धवन और हरभजन सिंह समेत कई खिलाड़ी पाकिस्तान के खिलाफ खेलने के सख्त खिलाफ थे। इसी वजह से भारतीय चैंपियन टीम ने सेमीफाइनल मुकाबला छोड़ दिया, जिससे पाकिस्तान सीधे फाइनल में पहुंच गया। टीम ने ग्रुप चरण में भी अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मैच खेलने से इनकार किया था। अंततः फाइनल में साउथ अफ्रीका चैंपियंस ने पाकिस्तान चैंपियंस को हराकर खिताब अपने नाम किया।
देश की गरिमा के आगे क्रिकेट फीका: हरभजन सिंह
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हरभजन सिंह ने कहा कि भारतीय टीम को यह समझने की जरूरत है कि वास्तव में क्या जरूरी है और क्या नहीं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मेरे लिए वे सैनिक, जो सीमा पर तैनात रहते हैं, जिनके परिवार उनसे अक्सर नहीं मिल पाते, जो कभी-कभी अपनी जान न्यौछावर कर देते हैं और घर वापस नहीं लौटते, उनका बलिदान हम सबके लिए बहुत बड़ा है। इसकी तुलना में यह बेहद छोटी बात है कि हम एक क्रिकेट मैच भी नहीं छोड़ सकते। यह तो बहुत ही मामूली त्याग है।”
जब तक सीमा पर तनाव, तब तक क्रिकेट नहीं: हरभजन सिंह
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय हरभजन सिंह ने कहा कि हमारी सरकार का भी यही रुख है—‘खून और पानी एक साथ नहीं रह सकते।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा संभव नहीं है कि सीमा पर संघर्ष और दोनों देशों के बीच तनाव जारी रहे और हम क्रिकेट खेलने चले जाएं। हरभजन के अनुसार, जब तक ये बड़े और गंभीर मुद्दे हल नहीं हो जाते, क्रिकेट जैसी चीज़ का महत्व बहुत छोटा है, क्योंकि देश हमेशा सबसे पहले आता है।
टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय हरभजन सिंह ने कहा कि हमारी सरकार का भी यही रुख है—‘खून और पानी एक साथ नहीं रह सकते।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा संभव नहीं है कि सीमा पर संघर्ष और दोनों देशों के बीच तनाव जारी रहे और हम क्रिकेट खेलने चले जाएं। हरभजन के अनुसार, जब तक ये बड़े और गंभीर मुद्दे हल नहीं हो जाते, क्रिकेट जैसी चीज़ का महत्व बहुत छोटा है, क्योंकि देश हमेशा सबसे पहले आता है।

