डार्विन। 22 साल के डेवाल्ड ब्रेविस के तूफानी शतक की बदौलत साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरे T20I मैच में 53 रन से हराकर 3 मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली। यह ऑस्ट्रेलिया की 11 महीनों में पहली T20 हार है, जिसने इससे पहले लगातार 9 मैच जीते थे। ब्रेविस ने महज 41 गेंद में सेंचुरी पूरी की, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे तेज T20I शतक और साउथ अफ्रीका के लिए दूसरा सबसे तेज शतक है। डार्विन में खेले गए मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 218 रन बनाए। ब्रेविस ने 56 गेंदों पर नाबाद 125 रन ठोके, जिसमें 12 चौके और 8 छक्के शामिल थे। उनके अलावा किसी भी बल्लेबाज ने 30 से ज्यादा रन नहीं बनाए, लेकिन तेज रनगति ने स्कोर को 200 पार पहुंचा दिया।

लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत खराब रही। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और पूरी टीम 17.4 ओवर में 165 रन पर सिमट गई। टिम डेविड ने 50 रन की पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़े स्कोर नहीं बना सके। साउथ अफ्रीका के क्वेना मफाका और कॉर्बिन बॉश ने 3-3 विकेट झटके, जबकि कगिसो रबाडा और लुंगी एनगिडी को भी सफलता मिली। ब्रेविस ने इस मैच में कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। वे साउथ अफ्रीका के लिए T20I शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए—22 साल और 105 दिन में। उनका शतक साउथ अफ्रीका के लिए दूसरा सबसे तेज है, डेविड मिलर के बाद जिन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 35 गेंदों में शतक जड़ा था। साथ ही, ब्रेविस ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर खेले गए T20I में सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने।
अब सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला 16 अगस्त को खेला जाएगा। दोनों टीमें जीत के साथ सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेंगी। ब्रेविस की इस पारी ने न सिर्फ अफ्रीकी टीम को सीरीज में वापसी दिलाई, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके संभावित भविष्य की भी झलक दिखा दी।


