नई दिल्ली : किसी भी क्रिकेट मैच में दोनों टीमें आमतौर पर टॉस के समय अपनी प्लेइंग इलेवन का ऐलान करती हैं। टॉस से पहले तक टीम बिना किसी अनुमति के इसमें बदलाव कर सकती है, लेकिन टॉस के बाद स्थिति थोड़ी अलग होती है। अगर कोई टीम टॉस के बाद प्लेइंग 11 में बदलाव करना चाहती है, तो यह तभी संभव है जब विपक्षी टीम का कप्तान इसकी अनुमति दे। यानी मैच शुरू होने से पहले बदलाव की गुंजाइश रहती है, लेकिन इसके लिए दोनों टीमों की सहमति जरूरी होती है। इंडियन प्रीमियर लीग में भी इस तरह के मामले पहले देखने को मिल चुके हैं।
इंडियन प्रीमियर लीग 2014 में मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स (दिल्ली डेयरडेविल्स) के बीच मैच के दौरान टॉस के बाद प्लेइंग 11 में बदलाव हुआ था। टॉस और मैच शुरू होने में आधे घंटे का वक्त होता है। इसी आधे घंटे में वॉर्मअप के दौरान मुंबई इंडियंस की प्लेइंग 11 के हिस्सा प्रवीण कुमार चोटिल हो गए। रोहित शर्मा की अगुआई वाली मुंबई इंडियंस चाहती थी कि चोटिल प्रवीण की जगह प्रज्ञान ओझा को प्लेइंग 11 में जगह मिले। ओझा 15 खिलाड़ियों का हिस्सा नहीं थे। इसके बाद भी वह खेल गए।
मान गए पीटरसन, इस प्रदर्शन ने बदली राय
प्रवीण की जगह ओझा को प्लेइंग 11 में शामिल होने को लेकर दोनों अंपायरों (एस रवि और रॉड टकर), दोनों कप्तान केविन पीटरसन और रोहित शर्मा, मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट, तत्कालिन आईपीएल सीओओ सुंदर रमन, गैरी कर्स्टन (डेयरडेविल्स कोच) और मुंबई के मुख्य कोच जॉन राइट और मेंटर अनिल कुंबले के बीच लंबी बातचीत हुई। पीटरसन ने ओझा को प्लेइंग 11 में शामिल होने की इजाजत दे दी। अगर पीटरसन नहीं मानते तो मुंबई इंडियंस को 10 खिलाड़ियों के साथ ही खेलना पड़ता। प्रवीण की जगह फील्डर मिलता, लेकिन वह गेंदबाज या बल्लेबाजी नहीं कर पाता।
क्या है नियम
किकेट की नियम बनाने वाली संस्था मेरिलबोन क्रिकेट क्लब ने बताया है कि किन परिस्थितों में प्लेइंग 11 बदल सकती है। दोनों टीमों का कप्तान टॉस से पहले अंपायर को लिखकर अपने खिलाड़ियों को नामित करते हैं। इसके बाद विपक्षी कप्तान की मंजूरी के बिना प्लेइंग 11 कोई भी बदलाव नहीं किया जा सकता। अगर खिलाड़ी बल्लेबाजी कर चुका है तो उसकी जगह प्लेइंग 11 में शामिल खिलाड़ी बल्लेबाजी नहीं कर सकता। अगर खिलाड़ी पर पेनल्टी लगी है या चेतावनी मिली है तो उसकी जगह लेने वाले खिलाड़ी पर भी यह लागू होगी।
आईपीएल में नियम
हर कप्तान टॉस के बाद मैच रेफरी को लिखकर 11 खिलाड़ियों और अधिकतम 5 सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी नामित करेगा। इसके बाद और खेल शुरू होने से पहले विरोधी कप्तान की मंजूरी के बिना किसी भी खिलाड़ी (प्लेइंग 11 का सदस्य) को नहीं बदला जा सकता।
कनकशन नियम देता है बीच मैच में प्लेइंग 11 में बदलाव
मैच के दौरान सिर पर चोट लगने पर प्लेइंग 11 में कभी भी बदलाव हो सकता है। कनकशन नियम के तहत लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट की इजाजत है, यानी बल्लेबाज की जगह बल्लेबाज, गेंदबाज की जगह गेंदबाज और ऑलराउंडर की जगह ऑलराउंडर ले सकता है। मैच रेफरी इसकी इजाजत देता है।


