नई दिल्ली : भारत के चेतन भट्ट मंगलवार को एशियन गेम्स की पुरुषों की 84 किग्रा कुमिते स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल करने से चूक गए। कांस्य पदक के मुकाबले में उनका सामना चीनी ताइपे के मेंग यू चुंग से हुआ, जहां दोनों खिलाड़ी 1-1 की बराबरी पर रहे। इसके बाद सेनशु के आधार पर फैसला मेंग यू चुंग के पक्ष में गया और चेतन को हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले सेमीफाइनल में चेतन को टोयोहाशी जिम्नेजियम में जॉर्डन के मोहम्मद अलजाफरी ने 8-0 से हराया था, जिसके बाद उन्हें कांस्य पदक के मुकाबले में उतरना पड़ा।
किसे मिलता है सेनशु का फायदा?
कांस्य पदक के मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों को एक-एक युको अंक मिला लेकिन चुंग ने मुकाबले का पहला अंक हासिल करने के कारण सेनशु के आधार पर जीत दर्ज की। कराटे में सेनशु उस खिलाड़ी को दिया जाता है जो बिना प्रतिद्वंद्वी कोई अंक बनाए मुकाबले का पहला अंक हासिल करता है। मुकाबला बराबरी पर समाप्त होने की स्थिति में यह नियम विजेता तय कर सकता है। वहीं, अलीशा को महिला कुमिते 55 किग्रा वर्ग के प्री क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया की कोक इस्त्री अगुंग सनिस्त्यारानी के खिलाफ 1-6 से हार का सामना करना पड़ा।
सेपकटकरा में भी हाथ लगी निराशा
भारत को सेपकटकरा प्रतियोगिता के पुरुष टीम रेगु मुकाबले में मलयेशिया के खिलाफ 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। भारत ने शुरुआती मैच में कुछ संघर्ष किया लेकिन बाद में उसकी लय टूट गई और मलयेशिया ने 2-1 (15-13, 11-15, 15-6) से जीत दर्ज की। इसके बाद भारत दूसरे मैच में 0-2 (9-15, 12-15) से हार गया। तीसरे मैच में भी उसे 0-2 (11-15, 5-15) से शिकस्त मिली और इस तरह मलयेशिया ने मुकाबला 3-0 से अपने नाम कर लिया। भारत ने सोमवार को ग्रुप बी के अपने शुरुआती मुकाबले में जापान के खिलाफ 1-2 की हार के साथ अपना अभियान शुरू किया था।
अगला मुकाबला फिलिपींस के खिलाफ
भारत अब ग्रुप बी के अपने अंतिम मुकाबले में फिलिपींस के खिलाफ मैदान पर उतरेगा। रेगु सेपकटकरा तीन खिलाड़ियों वाली स्पर्धा है, जिसे वॉलीबॉल की शैली का किकिंग खेल भी कहा जाता है। इस खेल में खिलाड़ी गेंद को खेलने के लिए पैर, घुटने, छाती और सिर का इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि हाथ और बांहों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होती।


