ट्राइबल गेम्स की पहली मेजबानी के लिए छत्तीसगढ़ सज्ज, खिलाड़ी-कोच बोले- देंगे अपना सर्वश्रेष्ठ

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रायपुर : छत्तीसगढ़ देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (केआईटीजी) 2026 की मेजबानी करने जा रहा है। इन खेलों का आयोजन 25 मार्च से 3 अप्रैल तक राज्य के तीन शहरों रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में किया जाएगा। प्रतियोगिता में सात पदक स्पर्धाएं शामिल होंगी, जिनमें एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, तैराकी और कुश्ती शामिल हैं। इसके अलावा मल्लखंभ और कबड्डी को प्रदर्शन खेलों के रूप में रखा गया है। देश के अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 2000 से अधिक आदिवासी खिलाड़ी इन खेलों में हिस्सा लेंगे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्पेसिफिक छत्तीसगढ़ की बात की जाए तो प्रदेश से 200 से अधिक खिलाड़ी KITG में भाग लेंगे। गेम्स शुरू होने से पहले भास्कर ने पार्टिशिपेट करने वाले खिलाड़ियों और उन्हें तैयार करने वाले कोच से खास बातचीत की है। कोच और खिलाड़ियों दोनों को ही ट्राइबल गेम्स से बड़ी उम्मीद है। पहली उम्मीद बेहतर परफॉर्म करने यानी खुद से है और दूसरी सरकार से। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खिलाड़ी कहते हैं कि हम अब भी दूसरे राज्यों की तुलना में पीछे हैं, ट्रेनिंग और सपोर्ट और बेहतर मिल सकता है। 

बड़े मंच पर प्रतिभा दिखाएंगे खिलाड़ी, खेल स्तर में सुधार की उम्मीद

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वेटलिफ्टिंग, फुटबॉल और हॉकी के प्लेयर्स ने दौरान बताया। खिलाड़ियों का कहना है कि प्रदेश में अभी खेल में बहुत काम होना बाकी है। सुधार की गुंजाइश है, ट्राइबल गेम्स इसमें पहला बड़ा स्टेप साबित हो सकता है। हमने अपनी ओर से तैयारी पूरी कर ली है, अब इंतजार गेम शुरू होने का है। हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि बेहतर गेम खेल पाएं और ज्यादा से ज्यादा मेडल जीते। वहीं खिलाड़ियों का ये भी कहना है कि अगर सुविधाएं और बेहतर गाइडेंस सरकार की ओर से मिले तो परफॉर्मेंस और बेहतर हो सकती है।

मेडल जीतने के लिए खिलाड़ियों को और जोर लगाना होगा: कोच

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कोच बोले कि हमें सुविधाएं मिल रही हैं। बच्चों में भी प्रतिभा की कमी नहीं है। लेकिन इम्प्रूवमेंट का स्कोप बहुत ज्यादा है। साइंटिफिक ट्रेनिंग, फैकल्टी मेंबर्स और मेडिकल सपोर्ट ये तीन ऐसे वर्टिकल हैं। जहां हमें और जोर देना होगा। ट्रेनिंग कैम्प के लिए कुछ और वक्त मिलता तो ज्यादा बेहतर होता। हालांकि ट्राइबल गेम से मिलने वाला एक्सपोजर बहुत फायदेमंद रहेगा। ये बहुत बड़ी बात है कि छत्तीसगढ़ इसे होस्ट कर रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हॉकी की सीनियर कोच रश्मि ने कहा, पूरी कोशिश रहेगी कि मेडल टेबल पर हमारा नाम दिखे। तैयारी तो काफी की है। अब खेल दिखाने का वक्त है। ये इवेंट बच्चों के करियर के लिए महत्वपूर्ण है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार  फुटबॉल की सीनियर कोच सरिता खुजूर टोप्पो ने कहा, आखिरी बार भी हमने ट्राइबल फुटबाल गेम्स भुवनेश्वर में गोल्ड जीता था। इस बार भी बहुत उम्मीदें हैं। टीम में जशपुर, सुकमा, बस्तर के बच्चे ज्यादा हैं।

200 से ज्यादा खिलाड़ी करेंगे छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व

छत्तीसगढ़ की बात की जाए तो प्रदेश के 201 से अधिक खिलाड़ी इस गेम में हिस्सा लेंगे। इनमें 111 पुरुष खिलाड़ी और 90 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। फुटबॉल में कुल 52 खिलाड़ी (26 पुरुष, 26 महिला) हैं। यह एकमात्र खेल है, जिसमें पुरुष और महिला खिलाड़ियों की संख्या बराबर है। इसके बाद हॉकी के 43 खिलाड़ी और एथलेटिक्स के 42 खिलाड़ी शामिल होंगे। तीरंदाजी में 11 खिलाड़ी, तैराकी में 17 खिलाड़ी, वेटलिफ्टिंग में 17 खिलाड़ी और कुश्ती में 19 खिलाड़ी शामिल होंगे।

आदिवासी बच्चों के लिए बड़ा अवसर बनेंगे ट्राइबल गेम्स: मांडविया

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि यह आयोजन युवाओं को अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” विजन का हिस्सा है, जिसमें खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार  मांडविया ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों से प्रतिभाओं को सामने लाना बेहद जरूरी है। सरकार का फोकस है कि प्रतिभाओं की जल्दी पहचान हो, उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण मिले और राष्ट्रीय खेल ढांचे में शामिल किया जाए।

23 दिसंबर को लॉन्च हुआ ट्राइबल गेम्स का लोगो और मैस्कॉट

बतादें कि 23 दिसंबर को बिलासपुर के स्व. बी.आर. यादव स्पोर्ट्स स्टेडियम में इन खेलों का लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट ‘मोरवीर’ लॉन्च किया गया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (KITG) के लिए जारी किया गया लोगो और मैस्कॉट आदिवासी संस्कृति, परंपरा और खेल भावना का अनूठा संगम पेश करते हैं। यह डिजाइन भारत के आदिवासी समाज की ऊर्जा, विविधता और जड़ों से जुड़ाव को दर्शाता है।

साझा सहयोग से होगा ट्राइबल गेम्स का भव्य आयोजन

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन कई प्रमुख संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा। इसमें युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई), भारतीय ओलंपिक संघ, राष्ट्रीय खेल महासंघ और छत्तीसगढ़ राज्य आयोजन समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। आयोजन में खेलों के तकनीकी मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप रखा जाएगा, ताकि खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रतियोगिता का अनुभव मिल सके और उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध हो।

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