नई दिल्ली : पहले तैराकी और वॉलीबॉल में हाथ आजमाने वाली मोना अग्रवाल ने मां बनने के बाद निशानेबाजी को अपना करियर बनाया। इसके बाद महज 3 साल के भीतर इस खेल ने उनकी जिंदगी बदल दी। अप्रैल 2021 में बेटे को जन्म देने के बाद मोना ने दिसंबर 2021 में निशानेबाजी शुरू की। अपने लगभग 5 साल के छोटे से करियर में वह कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। अब उनकी नजरें पैरा एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी सफलता की कहानी में एक और नया अध्याय जोड़ने पर हैं।
मोना अग्रवाल ने मां बनने के बाद सिर्फ तीन साल के भीतर पेरिस पैरालंपिक 2024 में हिस्सा लिया और महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। मोना अब पैरा एशियाई खेलों 2026 की निशानेबाजी स्पर्धा में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं। उनका लक्ष्य गोल्ड मेडल जीतना है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मोना अग्रवाल ने अपने सफर के बारे में बताया कि उन्हें 2016 में एशियाई खेलों के बारे में जानकारी मिली थी। शुरुआत में उन्होंने तैराकी और वॉलीबॉल में हाथ आजमाया। हालांकि, निशानेबाजी में उनकी शुरुआत बेटे के जन्म के बाद हुई।
दादी और सास ने दिया पूरा साथ, मोना अग्रवाल ने निशानेबाजी में बनाई पहचान
दिसंबर 2021 से मोना अग्रवाल ने निशानेबाजी शुरू की और पीछे मुड़कर नहीं देखा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार MBA की पढ़ाई कर चुकीं मोना अग्रवाल ने बताया कि उनके इस सफर में परिवार का अहम योगदान रहा है। उनकी दादी और सास ने उनके खेल को पूरा समर्थन दिया। परिवार के इस सहयोग ने उन्हें निशानेबाजी में आगे बढ़ने का अवसर दिया। एशियाई खेलों की तैयारी के बीच मोना अग्रवाल ने मौजूदा चयन व्यवस्था पर भी भरोसा जताया। मोना अग्रवाल ने बताया कि एशियाई खेलों के लिए चयन नीति तय है और खिलाड़ियों का चयन ट्रायल के आधार पर होता है। उनके मुताबिक, पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) की चयन प्रक्रिया खिलाड़ियों के हित में रही है।
हाल ही में दिल्ली में कुछ पैरा खिलाड़ियों, विशेषकर पैरा निशानेबाजों और पैरा साइकिल चालकों ने चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी, पक्षपात और अंतिम समय में नीति बदलने के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस मामले पर मोना अग्रवाल ने कहा कि एशियाई खेलों की चयन नीति पहले से तय है और चयन ट्रायल के आधार पर किया जाता है। मोना अग्रवाल ने हालांकि यह भी कहा कि PCI को अपनी नीतियों को और अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह के आरोपों की गुंजाइश न रहे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पेरिस पैरालंपिक पदक विजेता मोना अग्रवाल ने कहा, ‘‘मुझे PCI और उसके ट्रायल पर पूरा भरोसा है। मेरे अलावा कई खिलाड़ी हैं, जो संतुष्ट हैं।’’
आपसी सहयोग से टीम में बढ़ रहा भरोसा
मोना अग्रवाल ने पैरा निशानेबाजी टीम के माहौल को लेकर भी अपनी बात रखी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि टीम में कोई मतभेद नहीं है और सभी 13 निशानेबाज कड़ी मेहनत कर रहे हैं। अलग-अलग स्पर्धाओं की तैयारी के दौरान खिलाड़ियों के बीच पूरा तालमेल है। उन्होंने इसके लिए PCI और कोच के सहयोग को अहम बताया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मोना के मुताबिक, खिलाड़ियों को सरकार, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), PCI और टीम मैनेजमेंट से हर स्तर पर मदद मिल रही है। कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के जरिए भी सहायता मिल रही है और अब निजी कंपनियां भी खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे आ रही हैं।
‘कोच ने 20% राशि नहीं मांगी’, आरोपों पर सफाई
मुख्य कोच जेपी नौटियाल पर 20 प्रतिशत राशि मांगने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर मोना अग्रवाल ने कहा कि उनकी ओर से कभी इस तरह की कोई मांग नहीं की गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मोना अग्रवाल ने कहा, ‘‘जब मैं पदक जीतती हूं तो सम्मान स्वरूप मैं खुद कोच की मदद करना चाहती हूं, लेकिन वह मना कर देते हैं और कहते हैं कि तुम बस पदक जीतती रहो, वही मेरे लिए सम्मान है।’’ पैरा निशानेबाजी के प्रभारी अधिकारी शिवम त्यागी ने भी मुख्य कोच जेपी नौटियाल पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। शिवम त्यागी ने कहा कि टीम का पूरा ध्यान पैरा एशियाई खेलों को सफल बनाने पर है और भारतीय खेल प्राधिकरण से हरसंभव सहयोग मिल रहा है।
R2 और R8 में निशाना साधेंगी मोना अग्रवाल
मोना अग्रवाल इस बार पैरा एशियाई खेलों में R2 और R8 कैटेगरी में हिस्सा लेंगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि पैरा एशियाई खेलों 2023 में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा था। इस बार भी टीम बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने 2024 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किये जाने का भी उल्लेख किया। मोना अग्रवाल ने कहा कि खिलाड़ियों को मिलने वाला सहयोग उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
2036 ओलंपिक के सपने को साकार करने में जुटी सरकार
2030 राष्ट्रमंडल खेल और 2036 ओलंपिक की तैयारियों को लेकर मोना अग्रवाल ने कहा कि सरकार जमीनी स्तर पर काम कर रही है और खेलों पर मजबूती से निवेश कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनके मुताबिक, खिलाड़ियों को भी हर साल खुद को और मजबूत बनाना होगा ताकि बेहतर प्रदर्शन के जरिये देश के लिए पदकों की संख्या बढ़ाई जा सके।


