नई दिल्ली : फ्रांस के दिग्गज फुटबॉल क्लब बोर्डो की हालत इन दिनों बेहद खराब है। पांच बार शीर्ष स्तरीय फ्रांसीसी लीग का खिताब जीत चुका यह क्लब इस सीजन में देश की फुटबॉल लीग के पांचवें स्तर पर खेल रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कभी फ्रांसीसी फुटबॉल के बड़े नामों में शामिल रहे बोर्डो की इस गिरावट के पीछे गंभीर आर्थिक संकट प्रमुख कारण है। क्लब की मौजूदा स्थिति उसके गौरवशाली इतिहास से बिल्कुल अलग है और यह फुटबॉल जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।
क्लब 2025-26 और 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए जरूरी लगभग 10 मिलियन यूरो (11.6 मिलियन डॉलर) का इंतजाम नहीं कर पाया और न ही कर्ज चुका पाया। पिछले महीने क्लब को अमेरिका के इन्वेस्टमेंट ग्रुप ‘पार्क बेंच’ को सिर्फ एक यूरो (108.53 रुपये) की सांकेतिक कीमत पर बेच दिया गया, जो बचा हुआ कर्ज चुकाने को तैयार हो गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पार्क बेंच के चुने गए नए अध्यक्ष डोमिनिक डेलपोर्ट ने एएफपी को बताया, ‘अब पुनरुत्थान का काम शुरू हो सकता है।’
बोर्डो क्लब का कर्ज 26 मिलियन यूरो से घटकर 13 मिलियन यूरो हुआ
कर्ज 26 मिलियन यूरो से घटाकर आधा यानी 13 मिलियन यूरो हो गया है। नए मालिक 20 अक्टूबर को कमर्शियल कोर्ट में नए कंटिन्यूएशन प्लान को मंजूरी दिलाने के लिए पेश होंगे। टीम को प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट पर पांच खिलाड़ी रखने की इजाजत है। बाकी खिलाड़ी एमेच्योर होंगे। यह उस क्लब के लिए एक जबरदस्त झटका है, जिसने फ्रेंच फुटबॉल में बिक्सेंटे लिजाराजू और क्रिस्टोफ डुगारी जैसे बड़े नाम दिए हैं।
बोर्डो क्लब का कर्ज आधा हुआ, अब 13 मिलियन यूरो की देनदारी
फ्रांस के महान खिलाड़ी जिनेदिन जिदान ने सबसे पहले 1992 और 1996 के बीच बोर्डो के लिए खेलते हुए अपना नाम बनाया था। अक्टूबर 1881 में एक जिम्नास्टिक्स और शूटिंग क्लब के तौर पर शुरू हुए इस क्लब को 1920 में एक फ़ुटबॉल क्लब के रूप में स्थापित किया गया था। बोर्डो ने 1949/50 में अपना पहला शीर्ष खिताब जीता था। फिर 1980 के दशक में उनका दबदबा रहा। उन्होंने 1983/84 में लीग टाइटल जीता और फिर अगले साल उसका बचाव किया। इसके बाद उन्होंने 1986/87 सीजन के अंत में अपना चौथा टाइटल जीता। फिर बोर्डो ने 1998/99 में टॉप फ्लाइट टाइटल जीता और 2008/09 में अपना आखिरी टाइटल हासिल किया।
कई वर्षों से आर्थिक तंगी से जूझ रहा फ्रांस का दिग्गज क्लब बोर्डो
1984 में यूरोपीय चैंपियनशिप जीतने वाली फ्रांस की मशहूर मिडफील्ड में एलेन गिरेस और जीन टिगाना जैसे दिग्गज खिलाड़ी शामिल थे। उस दौर में फ्रांसीसी फुटबॉल में खास पहचान रखने वाला बोर्डो क्लब पिछले कई वर्षों से आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। 2022 में उसे फ्रांस की दूसरी श्रेणी की लीग ‘लीग 2’ में भेज दिया गया। इसके बाद 2024 में क्लब को कानूनी पुनर्गठन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। इस संकट के चलते बोर्डो को अपना पेशेवर दर्जा और अपनी प्रतिष्ठित अकादमी छोड़नी पड़ी। इसी साल प्रशासनिक नियंत्रण में जाने के बाद क्लब को फ्रांस की चौथी श्रेणी की लीग ‘नेशनल 2’ में भी खेलना पड़ा। इस तरह कभी फ्रांसीसी फुटबॉल के शीर्ष क्लबों में गिने जाने वाले बोर्डो का पतन जारी रहा।


