एनएसटी न्यूज, भोपाल। भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब जीवनशैली के कारण तेजी से पैर पसार रही मधुमेह (डायबिटीज) की बीमारी से लड़ने के लिए शारीरिक श्रम ही सबसे बड़ा अस्त्र है। यदि आप प्रतिदिन 40 मिनट व्यायाम करते हैं तो डायबिटीज की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह संदेश मधुमेह जागरूकता माह के समापन पर आयोजित ‘साइक्लोथान’ के मंच से दिया गया। जयप्रकाश जिला चिकित्सालय परिसर से सीएमएचओ डा. मनीष शर्मा ने इस जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ‘एवरी पेडल काउंट्स’ (साइकिल का हर पैडल मायने रखता है) के ध्येय वाक्य के साथ निकली इस रैली में शहरवासियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। रैली के दौरान हाथों में प्ले कार्ड, बैनर और पोस्टर लेकर प्रतिभागियों ने डायबिटीज के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी जन-जन तक पहुंचाई। इस आयोजन में वर्ल्ड डायबिटीज फाउंडेशन, रिजाल्व टू सेव लाइफ और जपाईगो संस्था ने विशेष सहयोग प्रदान किया।
सीएमएचओ डा. मनीष शर्मा ने कहा कि विशेषकर टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए नियमित व्यायाम संजीवनी के समान है। उन्होंने प्री-डायबिटिक स्टेज (डायबिटीज होने से ठीक पहले की स्थिति) को रोकने के लिए खानपान में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। डा. शर्मा ने बताया कि हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों का सेवन तुरंत बंद या कम कर देना चाहिए। इसमें आलू, तरबूज, अनानास, सफेद शक्कर, चावल, कॉर्न फ्लेक्स और व्हाइट ब्रेड शामिल हैं। इनके स्थान पर फाइबर युक्त भोजन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन और वर्ल्ड डायबिटीज फेडरेशन के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि स्थिति चिंताजनक है। वर्तमान में दुनिया भर में 537 मिलियन से ज्यादा वयस्क मधुमेह की चपेट में हैं। अनुमान है कि 2045 तक यह संख्या बढ़कर 783 मिलियन हो जाएगी। चिंता की बात यह है कि मधुमेह से पीड़ित 75% से ज्यादा लोग निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रहते हैं। सीएमएचओ ने जानकारी दी कि जिले की सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में मधुमेह और उच्च रक्तचाप की जांच, परामर्श और दवाइयां पूर्णतः निश्शुल्क उपलब्ध हैं। सही समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।


