नई दिल्ली: ईडन गार्डन टेस्ट में भारत की हार के बावजूद वाशिंगटन सुंदर चर्चा में बने रहे। नंबर 3 पर खेलना उनके लिए अप्रत्याशित भूमिका थी, लेकिन उन्होंने दोनों पारियों में जुझारू बल्लेबाजी करते हुए कठिन पिच पर टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज साबित हुए। हालांकि, इस फैसले को लेकर पूर्व विकेटकीपर दिनेश कार्तिक ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।
दिनेश कार्तिक का संकेत: नंबर 3 की भूमिका से गेंदबाजी पर हो सकता है असर
दिनेश कार्तिक का मानना है कि वाशिंगटन सुंदर को लगातार टॉप ऑर्डर में खेलने देना उनकी गेंदबाजी पर असर डाल सकता है, और लंबे समय में यह टीम के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कार्तिक ने कहा कि टीम मैनेजमेंट को स्पष्ट करना होगा कि वे सुंदर को टेस्ट क्रिकेट में किस भूमिका में देखते हैं—क्या वह एक गेंदबाज हैं जो बल्लेबाजी भी कर सकता है, या अब वह पूरी तरह से टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज बन गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कार्तिक ने कहा, ‘अगर आप उन्हें नंबर 3 पर भेज रहे हैं, तो आप उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद कर रहे हैं। जैसे ही कोई खिलाड़ी बल्लेबाजी पर ज्यादा समय देने लगता है, स्वाभाविक है कि उसकी गेंदबाजी की प्रैक्टिस कम हो जाती है। लंबे समय में यह उनकी गेंदबाजी को प्रभावित कर सकता है।’ दिनेश कार्तिक ने कहा, ‘यह बहुत ट्रिकी स्थिति है। दिनेश कार्तिक का साफ इशारा साफ था कि अगर वाशिंगटन सुंदर टॉप ऑर्डर में फिट होते हैं तो उनका प्राथमिक कौशल (off-spin bowling) पीछे छूट सकता है, जो टीम के संतुलन के लिए जोखिम भरा फैसला बन सकता है।’
शॉन पोलॉक का विश्वास: मौका मिलता रहा तो वह जरूर सफल होंगे
दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज ऑलराउंडर और पूर्व कप्तान शॉन पोलॉक ने वाशिंगटन सुंदर की बल्लेबाजी की भूरि-भूरि प्रशंसा की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शॉन पोलॉक के मुताबिक, ‘इस्तेमाल ही सबसे महत्वपूर्ण शब्द है। नंबर तीन पर वह अच्छी योजना के साथ खेले। उन्हें वहां लगातार चार–पांच टेस्ट मैचों तक मौका दिया जाना चाहिए।’ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शॉन पोलॉक ने कहा, ‘अगर वह खुद को इस स्लॉट के मुताबिक ढाल लेते हैं तो टीम को बड़ा फायदा होगा।” शॉन पोलॉक ने यह भी कहा कि वाशिंगटन सुंदर को पहले उतने मौके नहीं मिले, जबकि उनमें टॉप ऑर्डर में टिकने का माद्दा हमेशा से था।
वाशिंगटन सुंदर का नया रोल: टीम इंडिया के लिए वरदान या चुनौती?
वाशिंगटन सुंदर की कोलकाता टेस्ट में शानदार प्रदर्शन ने टीम इंडिया के सामने नई बहस छेड़ दी है। सवाल उठता है कि क्या उन्हें लंबे समय तक नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने का मौका दिया जाना चाहिए, या इससे उनके गेंदबाजी लोड और कौशल पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। क्या टीम इंडिया सचमुच एक सच्चे ऑलराउंडर को मुख्य बल्लेबाज के रूप में ढालने की कोशिश कर रही है, यह अब चर्चा का केंद्र बन गया है। वाशिंगटन सुंदर की पारियां उम्मीद जगाती हैं, लेकिन दिनेश कार्तिक की चेतावनी टीम मैनेजमेंट के लिए गंभीर विचार का विषय बनी हुई है। आने वाले कुछ टेस्ट मैचों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह प्रयोग भारत के लिए एक मास्टरस्ट्रोक साबित होगा या फिर ऐसी रणनीति, जिसे टीम को सुधारना या बदलना पड़ेगा।

