नई दिल्ली : दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल के दूसरे दिन, सोमवार 7 सितंबर को लंच के बाद ईस्ट जोन के कप्तान इशान किशन ने शानदार दोहरा शतक पूरा किया। उन्होंने 122वें ओवर में देवदत्त पडिक्कल की दूसरी गेंद पर चौका जड़कर अपना दोहरा शतक पूरा किया। इशान की इस दमदार पारी ने फाइनल में ईस्ट जोन की स्थिति और मजबूत कर दी। इशान किशन का यह पहला प्रथम श्रेणी दोहरा शतक है। इशान किशन से पहले कुमार कुशाग्र अपना शतक पूरा करने के बाद पवेलियन लौटे। कुमार कुशाग्र 132 गेंद में 101 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने अपनी पारी के दौरान आठ चौके और पांच छक्के लगाए। कुमार कुशाग्र का दलीप ट्रॉफी में यह पहला शतक है।
कुमार कुशाग्र को त्रिपुराना विजय की गेंद पर मिलिंद ने कैच किया। कुमार कुशाग्र ने आउट होने से पहले इशान किशन के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 287 गेंद में 230 रन की साझेदारी की। इशान किशन के दोहरे शतक और कुमार कुशाग्र की सेंचुरी की मदद से ईस्ट जोन ने साउथ जोन के खिलाफ 550 रन से अधिक का स्कोर बना लिए।
ईस्ट जोन का स्कोर 122 ओवर में 5 विकेट पर 555 रन
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ ईस्ट जोन ने पहली पारी में 122 ओवर में 5 विकेट पर 555 रन बना लिए थे। कप्तान इशान किशन 273 गेंदों पर 204 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे, जबकि अनुकूल रॉय 65 गेंदों पर 30 रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे। दोनों बल्लेबाजों के बीच अब तक 131 गेंदों में 84 रन की साझेदारी हो चुकी थी। इशान किशन अपनी पारी में 26 चौके और 2 छक्के जड़ चुके थे, जबकि अनुकूल रॉय के बल्ले से 3 चौके निकले थे। दूसरे दिन के पहले सत्र का खेल खत्म होने तक, यानी लंच के समय, ईस्ट जोन का स्कोर 108 ओवर में 5 विकेट पर 491 रन था। इसके बाद इशान किशन ने तेजी से रन जुटाते हुए अपना दोहरा शतक पूरा किया और टीम को 550 के पार पहुंचाया।
दूसरे दिन के सत्र में ईस्ट जोन ने गंवाया एक विकेट, जोड़े 106 रन
ईस्ट जोन ने दूसरे दिन सुबह के सेशन में सिर्फ एक विकेट खोकर 106 रन जोड़े और लंच तक पहुंचे। कुमार कुशाग्र सुबह के सेशन के स्टार रहे। कुमार कुशाग्र ने शानदार खेल दिखाते हुए अपना छठा प्रथम श्रेणी शतक पूरा किया। इशान किशन ने भी पहले दिन वाला जबरदस्त फॉर्म जारी रखा और बिना ज्यादा शोर-शराबे के अपना स्कोर 171 तक पहुंचा दिया था। पहले दिन का खेल खत्म होने के समय इशान किशन 135 गेंद में 111 और कुमार कुशाग्र 75 गेंद में 63 रन बनाकर नाबाद थे।
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल नजर आ रही है। इसी वजह से साउथ जोन के गेंदबाजों को ईस्ट जोन के बल्लेबाजों के सामने विकेट हासिल करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। खास बात यह है कि दूसरी नई गेंद से भी गेंदबाजों को पिच से अपेक्षित मदद नहीं मिल सकी, जिससे ईस्ट जोन के बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान होता गया।


