लंदन. इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी England and Wales Cricket Board (ECB) राष्ट्रीय टीम में खिलाड़ियों के चयन से जुड़े नियमों में बदलाव पर विचार कर रहा है। अगर यह बदलाव लागू होता है तो विदेशी मूल के खिलाड़ियों के लिए इंग्लैंड टीम में जगह बनाना पहले से आसान हो सकता है। गौरतलब है कि इससे पहले 2019 में Jofra Archer के लिए नियमों में बदलाव किया गया था, जिससे उनकी पात्रता (eligibility) प्रक्रिया तेज कर दी गई थी। उस समय निवास अवधि 7 साल से घटाकर 3 साल कर दी गई थी, जिससे आर्चर समय से पहले इंग्लैंड के लिए खेलने के योग्य हो गए और उसी साल वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाई।
वर्तमान में ECB के नियम काफी सख्त हैं। किसी खिलाड़ी को इंग्लैंड के लिए खेलने के लिए तीनों शर्तें पूरी करनी होती हैं—ब्रिटिश नागरिकता, इंग्लैंड या वेल्स में जन्म या तीन साल का निवास, और पिछले तीन वर्षों में किसी अन्य फुल मेंबर देश के लिए लोकल खिलाड़ी के रूप में न खेलना। इसके विपरीत International Cricket Council (ICC) के नियम अपेक्षाकृत सरल हैं, जिसमें इन शर्तों में से केवल एक को पूरा करना पर्याप्त होता है। ऐसे में ECB अब अपने नियमों को ICC के अनुरूप थोड़ा लचीला बनाने पर विचार कर रहा है।
संभावित बदलावों में यह शामिल हो सकता है कि खिलाड़ियों को तीन की बजाय केवल दो शर्तें पूरी करनी हों। इसके अलावा, फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उन खिलाड़ियों के लिए भी राहत दी जा सकती है, जो अपने मूल देश में घरेलू खिलाड़ी के रूप में खेलते हुए इंग्लैंड के लिए क्वालिफाई करना चाहते हैं। इस बदलाव से मिडिलसेक्स के बल्लेबाज लियस डु प्लॉय और वॉर्सेस्टरशायर के युवा खिलाड़ी डेनियल लेटेगन जैसे खिलाड़ियों को फायदा मिल सकता है, जो फिलहाल इंग्लैंड के लिए पात्रता हासिल करने की प्रक्रिया में हैं। ECB ने अभी तक इन बदलावों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है और न ही कोई तय समयसीमा बताई गई है। हालांकि, क्रिकेट जगत में इसे इंग्लैंड टीम को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


