CWG 2030 में खेलों का विस्तार, क्रिकेट-हॉकी और पारंपरिक खेलों को मिली जगह

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नई दिल्ली : केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने जानकारी दी है कि 2030 में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में हॉकी और क्रिकेट जैसे खेलों को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही कबड्डी, योगासन, खो-खो और मलखम्ब जैसे पारंपरिक भारतीय खेलों में से भी दो को जगह मिलने की संभावना है। राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के अध्यक्ष डोनाल्ड रूकारे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में मेजबान शहर अहमदाबाद का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने शुक्रवार को मांडविया से मुलाकात कर आयोजन से जुड़ी अहम तैयारियों पर चर्चा की।

ग्लास्गो गेम्स में छोटा फॉर्मेट, 10 खेलों तक सीमित आयोजन

ग्लास्गो में इस साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में बजट में कटौती के लिए क्रिकेट और हॉकी को शामिल नहीं किया गया है, लेकिन मांडविया ने कहा कि भारत में होने वाले खेलों में इनकी वापसी होगी। ग्लास्गो खेलों में सिर्फ 10 खेल शामिल किए गए हैं जिनमें निशानेबाजी, कुश्ती और बैडमिंटन भी नहीं हैं। खेल मंत्री ने कहा, हमारे पारंपरिक खेलों में से कबड्डी, मलखम्ब, खोखो और योगासन में से दो को शामिल करने का प्रयास है। क्रिकेट और हॉकी दोनों 2030 खेलों में होंगे। राष्ट्रमंडल खेल के अध्यक्ष यहां से काफी प्रभावित होकर गए हैं। खासकर खेलो इंडिया की विभिन्न श्रेणियों और अस्मिता खेलों से वह काफी प्रभावित हुए। भारत में अब खेलों को प्राथमिकता में रखा जा रहा है जिसका उन पर अच्छा प्रभाव पड़ा है।

2030 में भारत बनेगा खेलों का केंद्र, राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन तय

भारत में 2010 के बाद पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन हो रहा है। एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स, तैराकी और पैरा तैराकी, टेबल टेनिस और पैरा टेबल टेनिस, बॉल और पैरा बॉल, भारोत्तोलन और पैरा भारोत्तोलन, कलात्मक जिम्नास्टिक, नेटबॉल और मुक्केबाजी 2030 राष्ट्रमंडल खेलों का हिस्सा होंगे। टी20 क्रिकेट, रग्बी सेवंस और हॉकी में से दो खेल इनमें शामिल होंगे।

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