बंगलूरू: अपने नाम पर होने वाले पहले एनसी क्लासिक भालाफेंक टूर्नामेंट में दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा खिताब के प्रबल दावेदार हैं। शनिवार को कांतीरावा स्टेडियम में होने जा रहा यह टूर्नामेंट खुद नीरज चोपड़ा के दिमाग की उपज है, जिसके चलते युवा भारतीयों दुनिया के नामी जेवलिन थ्रोअरों के साथ मुकाबला करने का मौका मिलेगा। नीरज की नजरें यहां इस वर्ष दूसरी बार 90 मीटर की बाधा पार करने पर होगीं। नीरज चोपड़ा क्लासिक जैसे विश्व स्तरीय टूर्नामेंट का आयोजन भारतीय प्रशंसकों के लिए खासतौर पर आयोजित किया जा रहा है। नीरज ने स्वीडन के पोलवॉल्टर अर्मांडो डुप्लांटिस और कीनिया के लंबी दूरी के धावक किपचोगे कीनो से प्रेरणा ली है।
यह भारत में किसी एक इवेंट की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता होगी, जिसे विश्व एथलेटिक्स ने ए कैटेगरी का दर्जा दिया है। जर्मनी के जूलियन वेबर, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स समेत कुछ बड़े थ्रोअरों के नाम वापस लिया है, लेकिन नीरज को लेकर दर्शकों में रोमांच है। टूर्नामेंट में भाग ले रहे 12 में से पांच ऐसे थ्रोअर हैं, जो वर्ष के अंत में टोक्यो में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नीरज ने जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स, भारतीय एथलेटिक्स महासंघ और विश्व एथलेटिक्स के साथ मिलकर इसका आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि एनसी क्लासिक हर साल होगा और उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में इसमें भालाफेंक के साथ और भी खेल जोड़े जाएंगे। एनसी क्लासिक पहले 24 मई को हरियाणा के पंचकूला में होना था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्रसारकों की जरूरत के अनुसार लाइट की व्यवस्था नहीं होने से इसे बंगलूरू में कराया जा रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।
टूर्नामेंट में भाग ले रहे थ्रोअर: नीरज चोपड़ा, सचिन यादव, रोहित यादव, यशवीर सिंह, साहिल सिलवाल (भारत), थॉमस रोहलर (जर्मनी), जूलियस येगो (केन्या), कर्टिस थांप्सन (अमेरिका), मार्टिन कोनेक्नी (चेक गणराज्य), लुइज डा सिल्वा (ब्राजील), रुमेश पाथिरागे (श्रीलंका), साइप्रियन मिर्जीग्लोड (पोलैंड)।


