एनएसटी न्यूज, भोपाल। वर्ष 2007 में दर्पण हॉकी फीडर सेंटर, ग्वालियर से शुरू हुआ पहला बालिका हॉकी बैच आज गर्व का कारण बन गया है। इस बैच की कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। इनमें करिश्मा यादव अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी हैं और विक्रम अवार्ड तथा एकलव्य अवार्ड से सम्मानित हैं। नेहा सिंह वर्तमान में ओडिशा में हॉकी कोच हैं तथा सीआरपीएफ महिला हॉकी टीम की कप्तान हैं।
खेल के प्रति समर्पण का उदाहरण बनीं नेहा शर्मा
इसी बैच की खिलाड़ी नेहा शर्मा वर्तमान में खेलकोटे के तहत सीआरपीएफ में सेवाएं दे रही हैं, आज आयोजित फ्रेंडली हॉकी मैच में मुख्य अतिथि रहीं। उन्होंने मैच के पाँच सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को हॉकी स्टिक और खेल किट देकर सम्मानित किया। नेहा शर्मा ने कहा कि जिस खेल ने उन्हें पहचान और रोजगार दिया, उसी खेल की सेवा करना उनके लिए गर्व की बात है।
दर्पण सेंटर की परंपरा बनी प्रेरणास्रोत
दर्पण हॉकी फीडर सेंटर ने पिछले दो दशकों में महिला हॉकी में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार किया है। सेंटर की यह परंपरा आज भी जारी है और नई पीढ़ी की खिलाड़ी अपनी सीनियर खिलाड़ियों से प्रेरणा ले रही हैं। नेहा शर्मा जैसी खिलाड़ी यह साबित करती हैं कि समर्पण, अनुशासन और खेल भावना से न सिर्फ सफलता मिलती है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी जाता है।


