चेन्नई: भारत के सबसे उम्रदराज टेस्ट क्रिकेटर और 1952 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की पहली टेस्ट जीत की ऐतिहासिक टीम के अंतिम जीवित सदस्य रहे C. D. Gopinath का 96 वर्ष की आयु में चेन्नई में निधन हो गया। उनके निधन के साथ भारतीय क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण युग का अंत हो गया। 1 मार्च 1930 को जन्मे गोपीनाथ ने भारत के लिए 8 टेस्ट मैच खेले। वे उस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा थे जिसने 1952 में मद्रास (अब चेन्नई) में इंग्लैंड को हराकर भारत को पहली टेस्ट जीत दिलाई थी। इस मुकाबले में भारत ने एक पारी और 8 रन से जीत दर्ज की थी, जिसे भारतीय क्रिकेट के इतिहास का अहम मोड़ माना जाता है।
गोपीनाथ ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत 1951 में ब्रेबोर्न स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ की थी। डेब्यू मैच में उन्होंने नाबाद 50 और 42 रन की पारियां खेलीं। उनका अंतिम टेस्ट 1960 में ईडन गार्डन्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रहा। उनके टेस्ट करियर में 12 पारियों में 242 रन शामिल रहे, जबकि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 42.16 की औसत से 4259 रन बनाए।
1952 की ऐतिहासिक जीत के दौरान गोपीनाथ ने अपनी एकमात्र पारी में 35 रन बनाए थे। इस जीत में शामिल टीम के अन्य सदस्य लंबे समय पहले दुनिया को अलविदा कह चुके थे। वे लंबे समय तक उस टीम के अंतिम जीवित सदस्य थे। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटर Neil Harvey के बाद वे दुनिया के दूसरे सबसे उम्रदराज टेस्ट क्रिकेटर भी थे। गोपीनाथ के निधन के बाद 1956 में टेस्ट खेलने वाले 95 वर्षीय Chandrakant Patankar अब भारत के सबसे उम्रदराज जीवित टेस्ट क्रिकेटर हैं।


