मुंबई. भारत में क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं का सपना है। Suryansh Shedge की कहानी भी इसी सपने की मिसाल है, जिन्होंने 13 साल की उम्र में 326 रन की नाबाद पारी खेलकर सुर्खियां बटोरीं और अब IPL में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मुंबई के जाइल्स शील्ड टूर्नामेंट में 137 गेंदों पर 326 रन की ऐतिहासिक पारी ने शेडगे को रातों-रात चर्चा में ला दिया। हालांकि, उनके क्रिकेट सफर की शुरुआत परिवार के समर्थन से हुई, खासकर उनकी मां ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए नौकरी छोड़कर उनके करियर को संवारने में अहम भूमिका निभाई।
शेडगे ने बताया कि बचपन में वे सिर्फ क्रिकेट का आनंद लेने के लिए मैदान पर जाते थे, लेकिन पहली बार बल्ला उठाते ही उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें क्रिकेटर ही बनना है। अपने करियर में उतार-चढ़ाव का सामना करते हुए शेडगे ने मुंबई अंडर-19 टीम की कप्तानी भी की, लेकिन खराब फॉर्म के चलते विश्व कप खेलने का मौका गंवा बैठे। इस मुश्किल समय में कोच Abhishek Nayar ने उनका मार्गदर्शन किया। शेडगे Virat Kohli को अपना आदर्श मानते हैं और साथ ही Ben Stokes और Hardik Pandya से भी प्रेरणा लेते हैं।
घरेलू क्रिकेट में 2024-25 सीजन उनके लिए ब्रेकथ्रू साबित हुआ, खासकर Syed Mushtaq Ali Trophy में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें “फिनिशर” के रूप में पहचान दिलाई। उन्होंने नॉकआउट मैचों में दबाव में शानदार पारियां खेलीं और 250 से अधिक स्ट्राइक रेट के साथ सीजन खत्म किया। इसके बाद उन्हें Punjab Kings ने IPL में मौका दिया। हालांकि शुरुआती सीजन में उन्हें सीमित अवसर मिले, लेकिन उन्होंने इसे सीखने का मौका माना।
IPL के दौरान उन्हें MS Dhoni, Shreyas Iyer और कोच Ricky Ponting जैसे दिग्गजों से सीखने का मौका मिला। शेडगे का मानना है कि T20 क्रिकेट “हर गेंद की लड़ाई” है और सफलता के लिए वर्तमान में रहकर खेलना जरूरी है। उनका फोकस साफ है—मौका मिले या न मिले, खुद को लगातार बेहतर बनाते रहना।


