नई दिल्ली : सौरव गांगुली मैदान पर मुश्किल परिस्थितियों में टीम की अगुआई करने और खिलाड़ियों के बीच मजबूत नेतृत्व के लिए जाने जाते थे। हालांकि, अप्रैल 2005 में भारतीय ड्रेसिंग रूम में हुई एक मजाकिया घटना ने उन्हें इतना परेशान कर दिया था कि उन्होंने कप्तानी छोड़ने तक की बात कह दी थी। यह घटना उस दौर की है, जब भारतीय टीम एक अहम मुकाबले की तैयारी कर रही थी और ड्रेसिंग रूम का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया था।
यह पूरा मामला भारत और पाकिस्तान के बीच कोच्चि में होने वाले वनडे से एक दिन पहले यानी एक अप्रैल 2005 का है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने सौरव गांगुली को अप्रैल फूल बनाने के लिए प्रैंक किया था। उनके मजाक में सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ भी शामिल थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हरभजन सिंह ने पीटीआई के साथ पॉडकास्ट इंटरव्यू में इस पुराने किस्से को याद किया। कोच्चि में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज शुरू होने से ठीक पहले ट्रेनिंग का दिन था। हमेशा की तरह उम्मीदों का भारी बोझ था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने सोचा कि ड्रेसिंग रूम का माहौल हल्का करने के लिए तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली के साथ मजाक करना सबसे अच्छा रहेगा। दोनों नकली समाचार पत्रों की कतरनें लेकर अंदर गए, जिनमें सौरव गांगुली ने टीम साथियों को ‘पार्टी करने वाले’, ‘गैर-जिम्मेदार’ और ‘अगल-थलग रहने वाले’ कहकर उनकी कड़ी आलोचना की थी। नकली समाचार पत्रों की वे कतरनें इतनी असली लग रही थीं कि आमतौर पर शांत रहने वाले ‘प्रिंस ऑफ कोलकाता’ उन्हें देखकर सचमुच हैरान रह गए थे। हरभजन सिंह के मुताबिक, ‘‘पूरी भारतीय टीम ड्रेसिंग रूम में बैठी थी। तभी युवराज ने सौरव के सामने कुछ नकली अखबार की कटिंग रखीं।
उन कटिंगों में ऐसा दिखाया गया था कि सौरव गांगुली ने अपने ही खिलाड़ियों को लेकर प्रेस में नाराजगी जताई है। युवराज सिंह को पार्टी करने वाला, हरभजन सिंह को गैर-जिम्मेदार और दूसरे खिलाड़ियों को अपने-अपने संसार (अलग-थलग) में रहने वाला बताया गया था। सौरव गांगुली ने जब यह देखा तो हैरान रह गए। उन्होंने खुद ही सवालिया लहजे में पूछा कि ऐसा बयान उन्होंने कब दिया, लेकिन मजाक यहीं खत्म नहीं हुआ। युवराज सिंह और हरभजन सिंह पहले ही सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ को इस योजना में शामिल कर चुके थे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हरभजन सिंह ने बताया, ‘‘सचिन तेंदुलकर ने भी सौरव गांगुली से कहा कि अगर उन्होंने ऐसा बयान दिया है तो यह सही नहीं है। राहुल द्रविड़ ने भी इसी अंदाज में सौरव गांगुली को समझाया। दो वरिष्ठ खिलाड़ियों के ऐसे बात करने से सौरव गांगुली को यकीन होने लगा कि मामला वास्तव में गंभीर है।’’इसके बाद स्थिति और दिलचस्प हो गई। हरभजन सिंह और दो-तीन अन्य खिलाड़ियों ने अपना सामान उठाया और ड्रेसिंग रूम से बाहर जाने लगे। सौरव गांगुली उनके पीछे भागे और उन्हें रुकने के लिए कहने लगे।
सौरव गांगुली को चिंता थी कि अगले ही दिन पाकिस्तान के खिलाफ मैच है और टीम के खिलाड़ी आखिर ऐसा क्यों कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हरभजन सिंह ने बताया कि तभी सौरव गांगुली ने कहा कि अगर उन्होंने सच में ऐसा बयान दिया है तो वह कप्तानी छोड़ देंगे। मतलब जिस मजाक का उद्देश्य केवल टीम के माहौल में हंसी का माहौल बनाना था, वह कुछ देर के लिए भारतीय कप्तान के लिए वास्तविक संकट जैसा बन गया था। आखिरकार किसी खिलाड़ी की हंसी छूट गई और सौरव गांगुली को पता चल गया कि उन्हें अप्रैल फूल बनाया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हरभजन सिंह ने इस घटना को याद करते हुए कहा कि सौरव गांगुली टीम के खिलाड़ियों के लिए बड़े भाई की तरह थे। शायद यही वजह थी कि उन्होंने ड्रेसिंग रूम में हुए इस मजाक को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया और बात को वहीं खत्म कर दिया। इसके अगले दिन भारत ने पाकिस्तान को 87 रन से हराकर मैदान पर भी शानदार प्रदर्शन किया और मुकाबले में प्रभावशाली जीत दर्ज की।


