नई दिल्ली : भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) में विवाद गहरा गया है। महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने महासचिव प्रमोद कुमार को कथित वित्तीय अनियमितताओं, जांच में सहयोग नहीं करने और अधिकारों के दुरुपयोग के आरोपों के बीच तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद महासंघ के भीतर चल रहा विवाद और बढ़ गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब प्रमोद कुमार ने एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पत्र में प्रमोद कुमार ने अजय सिंह और बीएफआई के कार्यकारी निदेशक कर्नल अरुण मलिक पर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए ‘आपराधिक धमकी’ देने का आरोप लगाया था। हालांकि, अरुण मलिक ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया था।
बिना मंजूरी प्रसारण व्यवस्था के आदेश जारी करने का भी आरोप
अजय सिंह ने मंगलवार 14 अक्टूबर 2026 को जारी निलंबन आदेश में प्रमोद कुमार के खिलाफ कई आरोपों का हवाला दिया। इन आरोपों में जरूरी मंजूरी के बिना प्रसारण व्यवस्था के लिए आदेश जारी करना भी शामिल है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रमोद कुमार पर राष्ट्रीय चैंपियनशिप रद्द होने की जांच में सहयोग न करने और अध्यक्ष अजय सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए अनधिकृत बैठक बुलाने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया गया है।
प्रमोद कुमार का निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आदेश में कहा गया है, ‘‘जांच पूरी होने तक या सक्षम पदाधिकारी की ओर से आदेश में संशोधन या उसे रद्द किये जाने तक बीएफआई (भारतीय मुक्केबाजी संघ) संविधान के लागू प्रावधानों के तहत आपको तत्काल प्रभाव से महासचिव के पद से अंतरिम रूप से निलंबित किया जाता है।’’ आदेश के अनुसार, ‘‘यह अंतरिम सुरक्षा उपाय है और इसे आपके खिलाफ लगे आरोपों को लेकर अंतिम फैसला नहीं माना जाना चाहिए। आरोपों की जांच लागू प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी और अंतरिम निलंबन बीएफआई संविधान के तहत निर्धारित नियमों के अधीन रहेगा।’’
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अजय सिंह ने बीएफआई के आदेश में आरोप लगाया कि महासंघ को पिनैकल ब्रॉडकास्ट प्रोडक्शंस से नोटिस मिले थे, जिसमें पिछले साल नवंबर में ग्रेटर नोएडा में खेले गए विश्व मुक्केबाजी फाइनल्स कप में प्रसारण के लिए लगभग 1.5 करोड़ रुपये देने के लिए कहा गया था। प्रमोद कुमार ने इससे पहले अध्यक्ष को लिखे गए एक पत्र में कहा था कि पिनैकल ने टूर्नामेंट के प्रयोजन और प्रसारण के लिए दो करोड़ रुपये देने का वादा किया था, लेकिन कंपनी ने इस तरह के किसी भी वादे से इनकार किया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आदेश में कहा गया है, ‘‘महासंघ को हाल ही में पिनैकल ब्रॉडकास्ट प्रोडक्शंस से नोटिस मिले हैं, जिनमें नवंबर 2025 में ग्रेटर नोएडा में खेले गए विश्व मुक्केबाजी फाइनल्स कप के प्रसारण के लिए लगभग 1.5 करोड़ रुपये का दावा किया गया है।’’ इसके अनुसार, ‘‘…जबकि आपने जो पत्र अध्यक्ष को भेजा था उससे यह लगा कि पिनैकल ने टूर्नामेंट के प्रायोजन और प्रसारण के लिए दो करोड़ रुपये देने का आश्वासन दिया था।’’
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आदेश में कहा गया है, ‘‘पिनैकल ने अब इस तरह के किसी भी आश्वासन से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है। इससे उस पत्र की प्रामाणिकता पर गंभीर संदेह पैदा होता है जिसे आपने व्यक्तिगत रूप से पिनैकल की ओर से जारी किया था।’’ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अजय सिंह ने हिमाचल प्रदेश के नाहन में 16 से 23 अगस्त तक होने वाली बीएफआई एलीट पुरुष और महिला ओपन मुक्केबाजी चैंपियनशिप को अंतिम समय में रद्द किए जाने की जांच का भी हवाला दिया।
इसके लिए 17 अगस्त को जांच समिति का गठन किया गया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अजय सिंह ने कहा, ‘‘आप बार-बार समय मांग रहे हैं। आप आपको जारी किए गए नोटिस और विधिवत गठित जांच समिति के सवालों का जवाब देने में नाकाम रहे हैं।’’ इसके अलावा प्रमोद कुमार ने 28 अक्टूबर को होने वाली एक विशेष आम बैठक (एसजीएम) बुलाई थी, जिसमें उन्होंने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए संबद्ध राज्य इकाइयों के बहुमत के समर्थन का दावा किया था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आदेश में कहा गया है, ‘‘यह बेहद चिंताजनक है कि जांच में सहयोग करने के बजाय आपने बीएफआई के सीनियर अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं और अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए बैठक बुलाने का नोटिस जारी किया है।’’ इसमें कहा गया है कि बीएफआई के संविधान के अनुसार कुमार को मंजूरी लिए बिना इस तरह के नोटिस जारी करने या विशेष आम बैठक बुलाने का कोई अधिकार नहीं है। आदेश में कहा गया है कि कुमार निलंबन जारी रहने तक अपने कार्य और किसी भी तरह का पत्र व्यवहार नहीं करें।


