नई दिल्ली : भारत ने हॉकी विश्व कप के दूसरे राउंड में अपना दूसरा मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला, जो ड्रॉ पर समाप्त हुआ। हालांकि, इस नतीजे के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई टीम सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रही, जबकि भारत का टूर्नामेंट में सफर यहीं खत्म हो गया। ऑस्ट्रेलिया और भारत के अंक बराबर रहने के बाद गोल अंतर निर्णायक साबित हुआ। कंगारू टीम ने भारत के मुकाबले अधिक गोल किए थे, जिसके आधार पर उसे सेमीफाइनल का टिकट मिला।
पूल ई में तीन मैचों में दो अंक के साथ भारत तीसरे स्थान पर रहा और अब 5वें-6वें स्थान के लिए होने वाले प्लेऑफ मैच में खेलेगा। वहीं ऑस्ट्रेलिया बेहतर गोल अंतर की बदौलत दो अंक के साथ सेमीफाइनल में पहुंच गया। इस ग्रुप में नीदरलैंड्स की टीम 9 अंक के साथ पहले स्थान पर रही और वो भी सेमीफाइनल में पहुंच गई।
अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए भारत ने चीन और इंग्लैंड के साथ मैच ड्रॉ खेले और दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराकर दूसरे दौर के लिए क्वालिफाई किया था, लेकिन दूसरे राउंड के पहले मैच में नीदरलैंड्स ने उन्हें 2-0 से हराकर उनका यह सिलसिला तोड़ दिया। उस हार के बाद सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए भारत को ऑस्ट्रेलिया को हराना था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
भारत-ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला ड्रॉ पर हुआ खत्म
मैच के पहले क्वार्टर यानी शुरुआती 15 मिनट में भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन कोई भी टीम बढ़त नहीं बना सकी। दूसरे क्वार्टर के खत्म होने तक भी स्कोर बराबर रहा और पहले हाफ के 30 मिनट में एक भी गोल नहीं हुआ। दोनों टीमों ने लगातार गोल करने के मौके बनाए, लेकिन मजबूत डिफेंस के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के गोलकीपरों ने भी कई अहम प्रयासों को रोका, जिससे पहला हाफ गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ।
तीसरे क्वार्टर के 40वें मिनट में ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय डिफेंस ने शानदार बचाव करते हुए कंगारू टीम को गोल करने से रोक दिया। तीसरे क्वार्टर के अंत तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं और 45 मिनट के बाद भी स्कोर 0-0 रहा। चौथे क्वार्टर में भी दोनों टीमों ने गोल के लिए कई प्रयास किए, लेकिन किसी को सफलता नहीं मिली। अंततः मुकाबला 0-0 से ड्रॉ पर समाप्त हुआ।


