नई दिल्ली : हॉन्गकॉन्ग सिक्सेज के इस सीजन में भारतीय टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जबकि पाकिस्तान ने दमदार खेल दिखाते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान ने कुवैत को आसानी से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। यह छठी बार था जब पाकिस्तान ने हॉन्गकॉन्ग सिक्सेज का खिताब जीता, जिससे टीम ने इस टूर्नामेंट में अपनी बादशाहत एक बार फिर साबित कर दी।
इस सीजन का फाइनल मुकाबला पाकिस्तान और कुवैत के बीच खेला गया, जिसमें पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए मात्र 6 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 135 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में कुवैत की टीम 5.1 ओवर में 6 विकेट पर सिर्फ 92 रन ही बना पाई और उसे 43 रन से हार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान के कप्तान अब्बास अफरीदी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न केवल प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता, बल्कि उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज़ भी चुना गया।
अब्बास अफरीदी का तूफ़ान — सिर्फ 11 गेंदों में जड़े 52 रन
फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के कप्तान ने धमाकेदार अंदाज में बैटिंग की और उन्होंने 11 गेंदों पर 52 रन की पारी खेली और रिटायर आउट हो गए। अफरीदी ने इस दौरान 7 छक्के और 2 चौके लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 472.73 का रहा। ओपनर अब्दुल समद ने भी 13 गेंदों पर 42 रन की पारी खेली जबकि ख्वाजा नफे ने 6 गेंदों पर 22 रन ठोक दिए। कुवैत के लिए मीत भावसार ने 3 विकेट लिए।
कुवैत को जीत के लिए 136 रन का विशाल टारगेट मिला था, लेकिन ये टीम इतने बड़े स्कोर को पार नहीं कर पाई। कुवैत के लिए मीत भवसार ने 12 गेंदों पर 33 रन जबकि अदनान इदरीस ने 8 गेंदों पर 30 रन बनाकर टीम को जीत दिलाने की कोशिश की, लेकिन वो इसमें सफल नहीं हो पाए। पाकिस्तान के सबसे सफल बॉलर माज सदाकत रहे जिन्होंने 3 विकेट झटके।
गौर करने वाली बात यह है कि इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा, जहाँ उसने अपने 5 में से 4 मुकाबले गंवा दिए। हॉन्गकॉन्ग सुपर सिक्सेज के इतिहास में पाकिस्तान सबसे सफल टीम रही है, जिसने अब तक 6 बार खिताब अपने नाम किया है। उसके बाद इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका ने 5-5 बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। वहीं श्रीलंका ने 2 बार, जबकि भारत और ऑस्ट्रेलिया ने एक-एक बार यह खिताब जीता है।


