नई दिल्ली : भारतीय टीम को 5 मैचों की टी20 सीरीज के चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने आसानी से हराया। भारत की इस हार के पीछे मुख्य कारण अत्यधिक प्रयोग और टीम मैनेजमेंट का अड़ियल रवैया माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चौथे मैच की प्लेइंग इलेवन में इशान किशन चोट के कारण शामिल नहीं हो पाए, लेकिन टीम के पास श्रेयस अय्यर मौजूद थे। अगर उन्हें इस मैच में खिलाया जाता तो क्या स्थिति अलग हो सकती थी, यह सवाल अब चर्चा का विषय बन गया है।
इशान की जगह श्रेयस को देना चाहिए था मौका
माना कि श्रेयस अय्यर टी20 वर्ल्ड कप 2026 की भारतीय टीम में शामिल नहीं हैं और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मुख्य रूप से वही खिलाड़ी आजमाए जा रहे हैं जो वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा हैं, लेकिन चौथे मैच में तिलक वर्मा की जगह श्रेयस को खेलने का मौका दिया जाना एक महत्वपूर्ण निर्णय हो सकता था। इससे टीम के बल्लेबाजी क्रम में संतुलन आता और मैच की दिशा बदलने की संभावना बढ़ सकती थी।
पहले तीन मैचों में भारत ने तीसरे नंबर पर तिलक की जगह इशान को आजमाया और वह अच्छी बैटिंग करने में सफल भी रहे, लेकिन जब वो चोटिल हो गए तब सिर्फ 6 बैट्समैन के साथ मैदान पर उतरने के फैसले को मूर्खतापूर्ण फैसले के अलावा और कुछ नहीं कहा जा सकता।
अत्यधिक प्रयोग की वजह से भारत ने गंवाया मैच
इशान के नहीं होने पर सूर्यकुमार तीसरे नंबर पर खेलने आए और अगर श्रेयस होते तो वो चौथे नंबर पर बैटिंग करने आते। श्रेयस के होने पर भारत के पास 7 बैटर होते जिससे की बैटिंग क्रम और मजबूत होता।
मैच के बाद श्रेयस ने कहा कि हम 5 शुद्ध गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरे और देखना चाहते थे कि हम क्या कुछ कर सकते हैं तो आपको जवाब मिल गया कि आप हार जाएंगे और बाद के लिए इस तरह की कांबिनेशन के साथ मैदान पर नहीं उतरें क्योंकि अगर आपके शुरू को बल्लेबाज क्लिक नहीं कर पाए और टारगेट अगर 200 के पार का मिला तो आपका हाल बुरा हो जाएगा।
श्रेयस के होने से बदल सकता था मैच का नतीजा
न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत को जीत के लिए 216 रन का लक्ष्य मिला था, लेकिन टीम 165 रन पर ही सिमट गई। टीम इंडिया ने इस मैच में जोखिम उठाया था, उम्मीद थी कि ऊपर के बल्लेबाज रन बना देंगे और जीत हासिल होगी, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया। इस तरह की स्थिति के लिए टीम को हमेशा तैयार रहना जरूरी है, क्योंकि जरूरी नहीं कि टॉप ऑर्डर हर मैच में सफल हो। चौथे मैच में अगर श्रेयस अय्यर खेलते तो संभावना थी कि भारत जीत सकता था, क्योंकि उनके रन बनाने की क्षमता और शिवम की जैसी पारी मिलकर मैच का नतीजा बदल सकती थी।
अर्शदीप को इस मैच में ड्रॉप किया जा सकता था
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चौथे मैच में अर्शदीप सिंह को ड्रॉप किया जा सकता था, क्योंकि वह पहले ही खेल चुके हैं और टी20 वर्ल्ड कप के मुकाबलों के लिए फिट भी हैं। इसके बावजूद, अगर अर्शदीप इस मैच में नहीं होते, तब भी भारत के पास जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे के रूप में तीन तेज गेंदबाज मौजूद थे, जो टीम की गेंदबाजी ताकत बनाए रखने के लिए पर्याप्त थे।
स्पिनर के रूप में टीम में कुलदीप यादव और रवि बिश्नोई थे। जरूरत पड़ने पर अभिषेक शर्मा भी 1-2 ओवर फेंक सकते हैं। इस तरह से आपके पास गेंदबाजों की कोई कमी नहीं थी। हां कम बल्लेबाज का टीम में होना आपको भारी पड़ गया और आप मैच हार गए।
उम्मीद है कि टीम इंडिया आने वाले समय में अपना ध्यान ज्यादा प्रयोग करने के बजाय मैच जीतने पर केंद्रित करेगी, क्योंकि खिलाड़ियों के लिए सबसे जरूरी चीज जीत हासिल करना है। अगर टीम में कोई खिलाड़ी मौजूद है, तो उसे मौके देने चाहिए, क्योंकि वह भी खेलने और अपने प्रदर्शन से टीम में योगदान देने का हकदार है।


