IND vs SA: शुभमन गिल अस्पताल से डिस्चार्ज, गुवाहाटी टेस्ट में उपलब्धता पर सवाल कायम

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नई दिल्ली : भारतीय कप्तान शुभमन गिल को रविवार (16 नवंबर) को उस अस्पताल से रिलीज़ कर दिया गया, जहां उनकी गर्दन की चोट का उपचार चल रहा था। साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट के दौरान उन्हें अचानक गर्दन में खिंचाव महसूस हुआ था, जिसके बाद वह मेडिकल निगरानी में चले गए। हालांकि अब उनकी तबीयत में सुधार दर्ज किया गया है, लेकिन गुवाहाटी में होने वाले दूसरे टेस्ट में उनकी भागीदारी को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है।

बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के अध्यक्ष सौरव गांगुली रविवार को वुडलैंड्स मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में गिल से मिलने गए। भारत को ईडन गार्डन की चुनौतीपूर्ण पिच पर 30 रन से हार का सामना करना पड़ा और दो मैचों की श्रृंखला में साउथ अफ्रीका ने 1-0 की बढ़त बना ली। खेल के दूसरे दिन बल्लेबाजी करते समय चोटिल हुए गिल तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले ही पहले टेस्ट से बाहर हो गए थे।

गिल की उपलब्धता पर अब भी फैसला बाकी

दूसरी पारी में शुभमन गिल बल्लेबाजी करने नहीं उतरे, जिसके चलते भारतीय टीम मात्र 93 रन पर सिमट गई। हालांकि, 22 नवंबर से गुवाहाटी में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट में गिल की उपलब्धता को लेकर टीम प्रबंधन ने अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। टीम मंगलवार को गुवाहाटी के लिए रवाना होने वाली है।

यह विकेट टेस्ट क्रिकेट के मानकों पर खरा नहीं उतरा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस बीच गांगुली ने कहा कि ईडन की पिच ‘सर्वश्रेष्ठ टेस्ट विकेट’ नहीं थी, लेकिन भारत को 124 रन का लक्ष्य हासिल कर लेना चाहिए था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘इसमें कोई विवाद ही नहीं है। यह सर्वश्रेष्ठ टेस्ट विकेट नहीं था, लेकिन दुर्भाग्य से भारत हार गया। उन्हें फिर भी 120 रन बनाने चाहिए थे। यह सर्वश्रेष्ठ टेस्ट पिच नहीं थी। गंभीर ने कहा कि उन्हें ऐसी पिच चाहिए थी और उन्होंने खुद क्यूरेटर को निर्देश दिए थे।’’

बेहतर पिचों पर खेल की जरूरत

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गांगुली ने कहा, “यह सही है कि दिशानिर्देश पहले ही दिए जा चुके थे और मैं वही दोहराना चाहूंगा जो पहले भी कह चुका हूं। गौतम ने इंग्लैंड में वनडे और टी20 प्रारूप में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। हम फिलहाल इसी योजना पर कायम रहेंगे, लेकिन इसके साथ ही हमें गुणवत्तापूर्ण पिचों पर खेलने पर भी जोर देना होगा।”

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