CWG 2026 में भारत का जलवा: दिलीप गावित ने जीता स्वर्ण, मोहम्मद बासिल ने रजत

0

नई दिल्ली : ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के पैरा एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 100 मीटर टी47 कैटेगरी में गोल्ड और सिल्वर दोनों पदक अपने नाम किए। दिलीप महादु गावित ने 10.71 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया, जबकि उनके साथी मोहम्मद बासिल 10.83 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे। लेन नंबर 7 से दौड़ रहे गावित ने आखिरी 30 मीटर में अपनी रफ्तार बढ़ाते हुए दमदार फिनिश किया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

दिलीप गावित का गोल्डन कमाल, बासिल ने जीता सिल्वर

पैरा एथलेटिक्स में यह दूसरी बार है जब भारत ने पोडियम पर दो स्थान हासिल किए हैं। इससे पहले महिलाओं की शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में शर्मीला धनकर और शिल्पा ने क्रमशः गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। महाराष्ट्र के नासिक के रहने वाले 23 वर्षीय दिलीप गावित 2022 एशियन पैरा गेम्स के भी पदक विजेता हैं, जहां उन्होंने पुरुषों की 400 मीटर टी47 स्पर्धा में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। टी47 कैटेगरी में ऐसे पैरा एथलीट शामिल होते हैं जिनके शरीर के ऊपरी हिस्से के एक तरफ के किसी अंग, जैसे कोहनी या कलाई के नीचे के हिस्से में कमी या विच्छेदन होता है अथवा वह अंग सामान्य रूप से काम नहीं करता, जबकि उनके पैरों की कार्यक्षमता सामान्य रहती है।

पंच साल की उम्र में आम के पेड़ से गिरने के बाद गावित का दाहिना हाथ काटना पड़ा था। उन्होंने 17 साल की उम्र में कोच वाजीनाथ काले के साथ अपना एथलेटिक्स करियर शुरू किया। कोच काले ने लगभग छह साल पहले एक लोकल इवेंट में युवा गावित को देखा था। कोच काले ने 2021 में इंडियन एक्सप्रेस को बताया था कि सच कहूं तो उस समय वह कोई बहुत अच्छा धावक नहीं था और न ही मुझे उसमें कुछ खास दिखा था। मैं बस यह चाहता था कि उस बच्चे को खेल में आगे बढ़ने का सही मौका मिले, और यह तभी हो सकता था जब उसे अच्छी और सही कोचिंग मिले।

वहीं दूसरे पदक विजेता मोहम्मद बासिल का जन्म दाहिने हाथ के बिना हुआ था। केरल के इस स्प्रिंटर ने 16 साल की उम्र में दौड़ना शुरू किया और 2026 में शानदार प्रदर्शन के दम पर कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अपनी जगह पक्की की। दिलचस्प बात यह है कि कॉमनवेल्थ गेम्स ट्रायल्स के टी46-47 फाइनल में बासिल ने दिलीप गावित को हराते हुए 10.64 सेकंड का समय निकाला था। हालांकि, ग्लासगो में गावित ने शानदार वापसी करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वह पैरा एथलेटिक्स में कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बन गए। महिला शॉट पुट एफ57 में शर्मीला धनकर के गोल्ड के बाद गावित कॉमनवेल्थ पैरा एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय पैरा एथलीट भी बन गए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here