नई दिल्ली : भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दोनों टीमों के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक और करीबी रहा, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अहम मौकों पर बेहतर खेल दिखाते हुए बाजी अपने नाम कर ली। यह एशियन गेम्स 2026 में कबड्डी में भारत का पहला गोल्ड मेडल है। साथ ही, इस संस्करण में यह भारत का तीसरा स्वर्ण पदक भी रहा। पुष्पा राणा की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने फाइनल में दमदार खेल दिखाते हुए यादगार जीत दर्ज की।
स्वर्ण जीतने को लेकर टीम को था पूरा विश्वास
जीत के बाद पुष्पा राणा ने कहा कि हमें किसी भी वक्त नहीं लगा कि हम मैच को गंवा देंगे। हमें शुरू से ही विश्वास था कि हम गोल्ड मेडल जीतेंगे और ऐसा ही हुआ। ये मेरा सपना था कि हम एशियन गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतें और मैं काफी खुश हूं। इस पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम की एकता शानदार रही। हमें हर तरफ से सपोर्ट मिला और इसका हमें फायदा मिला। ईरान एक मजबूत टीम थी और हमने एक सटीक रणनीति के तहत फाइनल मैच जीता।
ईरान ने दी कड़ी टक्कर, करीबी रहा मुकाबला
ईरान की टीम काफी मजबूत थी और ये मैच काफी करीबी रहा। ईरान ने कई बार भारतीय टीम को अपने खेल से चौंकाया और बीच-बीच में ऐसा लग रहा था कि कहीं भारत मैच गंवा ना दे, लेकिन दवाब में भारतीय महिला टीम काफी धैर्य से काम लिया और आखिरकार जीत हासिल की। हालांकि हाफ टाइम तक भारतीय महिला टीम ने 22-16 से बढ़त बना रखी थी, लेकिन इसके बाद ईरान की टीम ने वापसी की और स्कोर के अंतर को काफी कम कर दिया था पर आखिर में भारत को 37-34 के अंतर से जीत मिल गई।
एशियाड कबड्डी में भारत का चौथा गोल्ड
एशियन गेम्स के इतिहास में महिला कबड्डी प्रतियोगिता में ये भारत का चौथा गोल्ड मेडल रहा। साल 2010 में एशियन गेम्स में कबड्डी की शुरुआत हुई और उसके बाद से भारतीय महिला कबड्डी टीम ने इस इवेंट में सबसे सफल टीम को रूप में खुद को स्थापित किया। इससे पहले भारत ने साल 2010 में ग्वांगझू में, साल 2014 में इंचियोन में और फिर साल 2022 में गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद एक बार फिर से अब भारत ने गोल्ड अपने नाम किया। वैसे ये भारत का महिला कबड्डी में बैक-टू-बैक गोल्ड मेडल भी रहा।


