अहमदाबाद। भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच अहमदाबाद में खेला गया टेस्ट रवींद्र जाडेजा के लिए खास रहा। यह उनका 50वां घरेलू टेस्ट था और पहला मैच जिसमें वे अपने लंबे समय के साथी आर. अश्विन के बिना खेले। अश्विन ने पिछले साल दिसंबर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। फिर भी जाडेजा का प्रदर्शन बेहतरीन रहा—उन्होंने नाबाद 104 रन बनाए और दूसरी पारी में चार विकेट लेकर भारत को पारी और 140 रन से जीत दिलाई।
मैच के बाद जाडेजा ने अश्विन की कमी महसूस करने की बात कही। उन्होंने कहा, “कभी-कभी लगता था ऐश आएंगे और गेंदबाज़ी करेंगे, फिर याद आता कि वह अब टीम में नहीं हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट में बड़ा योगदान दिया है। कुलदीप और वॉशिंगटन सुंदर के साथ खेलना नया अनुभव था। भविष्य में शायद कोई और कहेगा, जड्डू नहीं हैं, लेकिन यही क्रिकेट है—नई पीढ़ी आगे बढ़ती रहती है।”
36 साल के जाडेजा अब टेस्ट क्रिकेट में 4000 रन और 300 विकेट के डबल से सिर्फ 10 रन दूर हैं। कपिल देव के बाद वे यह उपलब्धि हासिल करने वाले चौथे भारतीय बन सकते हैं। उन्होंने मज़ाक में कहा, “अब आप मुझ पर दबाव डाल रहे हैं कि 1000 रन और 60-70 विकेट कैसे लूं। लेकिन मैं फिलहाल सिर्फ अपनी फिटनेस और खेल का आनंद ले रहा हूं।” उन्होंने बताया कि वे बल्लेबाजी पर भी लगातार काम कर रहे हैं और अब ऊपर के क्रम में खेलने से उनका माइंडसेट बदला है। “पहले नंबर 8 या 9 पर बल्लेबाजी करता था, अब 5-6 पर खेलता हूं, तो जिम्मेदारी बढ़ जाती है,” उन्होंने कहा। जाडेजा ने अपनी फिटनेस पर भी बात की—“मैं सोशल मीडिया पर सब कुछ नहीं दिखाता, लेकिन लगातार मेहनत करता हूं। यही वजह है कि इस उम्र में भी मैदान पर 100% दे पा रहा हूं।”

