नई दिल्ली. भारतीय टीम और दिल्ली कैपिटल्स के स्पिनर कुलदीप यादव का मानना है कि T20 क्रिकेट में बदलती परिस्थितियों के बावजूद स्पिनर्स को अपनी आक्रामकता नहीं छोड़नी चाहिए। मुंबई इंडियंस के खिलाफ मुकाबले से पहले मीडिया से बातचीत में कुलदीप ने कहा कि आज के समय में 200 रन का स्कोर भी सुरक्षित नहीं रह गया है, जिससे गेंदबाज़ों पर दबाव बढ़ा है। इसके बावजूद एक स्पिनर को अपनी ताकत पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने कहा, “जब बल्लेबाज़ दबाव बनाते हैं, तो गेंदबाज़ अक्सर सुरक्षित विकल्प ढूंढने लगते हैं, लेकिन मेरी सोच है कि अपनी स्ट्रेंथ पर टिके रहना जरूरी है। अगर आप आक्रामक स्पिनर हैं, तो वही आपकी पहचान है।” कुलदीप के मुताबिक बल्लेबाज़ों को पढ़ना और उनसे एक कदम आगे रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कभी विकेट मिलेंगे, कभी नहीं, लेकिन माइंडसेट आक्रामक ही होना चाहिए।
पिच को लेकर उन्होंने साफ कहा कि T20 क्रिकेट में संतुलन बना हुआ है और अलग-अलग मैदानों पर परिस्थितियां बदलती रहती हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में फ्लैट विकेट मिलती है, लखनऊ और चेन्नई में गेंदबाज़ों को मदद मिलती है, जबकि बेंगलुरु में रन ज्यादा बनते हैं। यही क्रिकेट की खूबसूरती है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर किसी खिलाड़ी को परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल ही मिलती रहें, तो वह बेहतर खिलाड़ी नहीं बन सकता। हालिया T20 वर्ल्ड कप में सीमित मौके मिलने पर कुलदीप ने कहा कि ऐसे समय में तैयारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा खुद को मैच के लिए तैयार रखता हूं। नियमित अभ्यास और सही माइंडसेट से ही आत्मविश्वास मिलता है।


