नई दिल्ली : भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 5 मैचों की टी20 सीरीज में अब तक तीन मुकाबले खेले जा चुके हैं। बारिश के कारण पहला मैच रद्द हो गया था, जबकि इसके बाद भारतीय टीम को दूसरे और तीसरे टी20 में लगातार हार का सामना करना पड़ा। इस तरह इंग्लैंड ने सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। अब टीम इंडिया को सीरीज में वापसी करने के लिए बचे हुए दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज करनी होगी। हालांकि, इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ यह चुनौती आसान नहीं होने वाली है।
भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला गुरुवार को ब्रिस्टल में रात 10 बजे से खेला जाएगा। सीरीज में पिछड़ रही भारतीय टीम के लिए यह मैच बेहद अहम है। मुकाबले से पहले पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने प्लेइंग इलेवन को लेकर अपनी राय रखी। उनसे पूछा गया कि क्या टीम इंडिया को अपनी अंतिम एकादश में बदलाव करना चाहिए या नहीं। साथ ही, पिछले तीन मैचों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले तिलक वर्मा को बाहर करने के सवाल पर भी कुंबले ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
तिलक के समर्थन में कुंबले, बोले- अभी और मौके मिलने चाहिए
अनिल कुंबले ने जियो हॉटस्टार पर बात करते हुए कहा कि चौथे मैच के लिए मुझे नहीं लगता कि आप कोई बदलाव करना चाहेंगे क्योंकि इसी तरह से टीम का आत्मविश्वास बढ़ता है। वहीं तिलक वर्मा टीम के उप-कप्तान हैं। आपने उन्हें एक जिम्मेदारी दी है साथ ही मुझे लगता है कि उन्हें एक और मौका दिया जाना चाहिए। कुंबले ने आगे कहा कि बात बस भरोसा बनाने और इस बात पर सोच-विचार करके योजना बनाने की है कि क्या किया जा सकता था और यह पक्का करने की है कि आप बॉलिंग की शुरुआत उसी सोच के साथ करें। कुंबले ने कहा कि मुझे लगा कि भारत ने बस बाउंड्रीज को देखा और उसी तरफ बॉलिंग की। तीसरे मैच में मैनचेस्टर में एक तरफ की बाउंड्री थोड़ी बड़ी थी और दूसरी तरफ की छोटी। उन्होंने बहुत जल्दी यह सोच लिया कि उन्हें बड़ी बाउंड्री की तरफ बॉलिंग करनी है।
हर्षित के बैटिंग प्रमोशन पर कुंबले ने उठाए सवाल
ब्रिस्टल में खेले जाने वाले चौथे टी20 मुकाबले को लेकर कुंबले ने कहा कि टीम को परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना होगा। उन्होंने कहा कि मैदान और हालात को समझते हुए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों को बल्लेबाजी का पूरा मौका मिले। हर्षित राणा को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजने के फैसले पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि एक बार अक्षर पटेल को प्रमोट करना समझ में आता है, लेकिन 202 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय शिवम दुबे से पहले हर्षित राणा को भेजना सही रणनीति नहीं थी। ऐसा करके टीम किसी चमत्कार की उम्मीद कर रही थी, जो इस स्तर के मुकाबले में आसान नहीं होता।


