LSG vs KKR: लखनऊ सुपर जायंट्स से कहां हुई चूक, सुपर ओवर में गंवाया जीता मुकाबला

0

नई दिल्ली: एलएसजी बनाम केकेआर यानी लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेला गया मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। निर्धारित 20 ओवर के बाद मैच टाई हो गया, जिसके बाद नतीजा निकालने के लिए सुपर ओवर खेला गया। इस साल का यह पहला सुपर ओवर था, जिसमें आखिरकार केकेआर ने जीत दर्ज की। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो मुकाबला लखनऊ पहले ही अपने नाम कर सकता था, वह सुपर ओवर तक कैसे पहुंच गया। वहीं सुपर ओवर में भी टीम ने ऐसी गलती कर दी कि पहली ही गेंद पर हार लगभग तय हो गई। ऐसे में इस हार के लिए एलएसजी के किस बल्लेबाज की भूमिका सबसे ज्यादा जिम्मेदार रही, इस पर चर्चा तेज हो गई है।

एलएसजी के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए केकेआर ने जब 20 ओवर में सात विकेट पर 155 रन बनाए तो एलएसजी के सामने केवल 156 रनों का टारगेट था। जो आसानी से हासिल किया जा सकता था। शायद केकेआर ने भी नहीं सोचा होगा कि ये लक्ष्य इतना बड़ा बन जाएगा। लेकिन एलएसजी ने इसे भी इतना विशाल कर दिया। सलामी बल्लेबाज मिचेल मार्श केवल 2 रन बनाकर आउट हो गए। ऋषभ पंत ने जरूर 38 बॉल पर 42 रनों की एक ठीकठाक पारी खेली, लेकिन नंबर चार पर आए निकोलस पूरन ने सब सत्यानाश करके रख दिया। उन्होंन 12 बॉल पर केवल 9 रन बनाए और आउट होकर चलते बने। यही वो वक्त था, जब मैच फंसा हुआ सा नजर आया। वो तो भला हो मोहम्मद शमी का जिन्होंने आखिरी बॉल पर छक्का मारकर मैच को टाई करा दिया, नहीं तो एलएसजी पहले ही मैच हार जाती।

ये तो रही मुख्य मुकाबले की बात, लेकिन जब सुपर ओवर आया और एलएसजी की टीम पहले बैटिंग के लिए उतरी तो वहां भी पूरन ने ऐसा काम किया, जो किसी को समझ नहीं आया। पहले तो सवाल यही है कि एलएसजी ने एक ऐसे बल्लेबाज को सुपर ओवर में क्यों ही उतार दिया, जो एक एक रन के लिए जूझ रहा है। सुनील नारायण की सुपर ओवर की पहली ही बॉल पर निकोलस पूरन बड़ा स्ट्रोक खेलने गए और पहली ही गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। सुपर ओवर में केवल छह बॉल का खेल होता है, उसकी पहली ही बॉल पर जब विकेट गिर जाए तो फिर टीम के पास ज्यादा मौके होते नहीं हैं। यही हुआ, एलएसजी की टीम केवल 2 ही रन बना सकी और केकेआर ने पहली ही बॉल पर मैच अपने नाम कर लिया।

निकोलस पूरन इस साल के आईपीएल में बुरी तरह से फ्लॉप चल रहे हैं। उन्होंने एलएसजी के लिए सारे मैच खेले, लेकिन उनके बल्ले से एक भी अर्धशतक तक नहीं आया है। उनका सबसे बड़ा स्कोर 22 रन का है, जो राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ उन्होंने बनाए थे। चार बार तो वे सिंगल डिजिट पर आउट हुए हैं। उनके पास मौका था कि केकेआर के खिलाफ सुपर ओवर में अपनी टीम को जीत दिला देते, लेकिन वे वहां भी नाकाम रहे और अपनी टीम के लिए हार के विलेन बनकर सामने आ गए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here