सुपर ओवर के रन और विकेट खिलाड़ियों के रिकॉर्ड में क्यों नहीं जुड़ते? जानिए इसके पीछे की 3 बड़ी वजहें

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नई दिल्ली: सुपर ओवर क्रिकेट का बेहद रोमांचक और तेज़ रफ्तार हिस्सा होता है, जहां सिर्फ छह गेंदों में मैच का नतीजा तय किया जाता है। जब निर्धारित 20 ओवर के बाद मुकाबला टाई हो जाता है, तब विजेता चुनने के लिए सुपर ओवर खेला जाता है। हालांकि कई फैंस यह जानकर हैरान होते हैं कि सुपर ओवर में बल्लेबाजों द्वारा बनाए गए रन और गेंदबाजों द्वारा लिए गए विकेट उनके आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल नहीं किए जाते। इसके पीछे कुछ खास नियम और तर्क हैं। आइए आपको तीन बड़ी वजहें बताते हैं, जिनसे आप आसानी से समझ पाएंगे कि ऐसा क्यों होता है और इसके पीछे क्या लॉजिक है।

आईपीएल 2026 में रविवार रात एलएसजी और केकेआर के बीच सुपर ओवर खेला गया, जिसमें केकेआर ने मैच अपने नाम कर लिया। इस मैच में सुनील नारायण ने दो विकेट लिए और रिंकू सिंह ने चौका लगाया। लेकिन दोनों के करियर में ये रन और विकेट नहीं जोड़े गए हैं। दरअसल इसके पीछे की मुख्य और बड़ी वजह ये है कि सुपर ओवर मैच का रिजल्ट तय करने के लिए होता है। मैच तो 20 या फिर 50 ओवर में ही खत्म हो जाता है, लेकिन अगर ये टाई रहता है तब ही सुपर ओवर होता है, यानी केवल मैच का परिणाम तय करने के लिए, बाकी इसका कोई भी इस्तेमाल नहीं है।

आपको बता दें कि क्रिकेट का ये नियम बिल्कुल फुटबॉल जैसा ही है। जिस तरह से मैच बराबरी पर समाप्त होने पर फुटबॉल में टाई ब्रेकर होता है, उसी तरह क्रिकेट में सुपर ओवर कराय जाता है। टाई ब्रेकर के गोल से टीम की जीत और हार तय होती है, ये गोल खिलाड़ी के खाते में शामिल नहीं किए जाते, ऐसा ही क्रिकेट में भी है। इस नियम का दूसरा कारण ये है कि इससे खिलाड़ियों के साथ भेदभाव नहीं हो पाता। 20 ओवर के मैच में हर खिलाड़ी के पास बराबर मौका होता है, लेकिन सुपर ओवर में केवल एक ही बॉलर गेंदबाजी करता है और केवल तीन बैटर बैटिंग कर पाते हैं, बाकी को मौका नहीं मिलता। ऐसे में जो खिलाड़ी सुपर ओवर नहीं खेला, उसके साथ गलत ना हो, इसलिए इसके आंकड़े खिलाड़ी के खाते में नहीं जोड़े जाते।

इसके बाद तीसरा और सबसे अहम कारण, जो इसके पीछे है, वो ये है कि टी20 क्रिकेट हो या फिर वनडे, इसमें हर खिलाड़ी के लिए निर्धारित है कि वो इससे ज्यादा ओवर नहीं कर पाएगा। जैसे टी20 क्रिकेट में कोई भी गेंदबाज चार ओवर से ज्यादा नहीं फेंक सकता। वनडे में एक गेंदबाज अधिक से अधिक दस ही ओवर कर सकता है, लेकिन अगर सुपर ओवर के आंकड़े जोड़ दिए जाएंगे तो एक गेंदबाज के टी20 में 5 या फिर वनडे में 11 ओवर हो जाएंगे और बाकी के नियमों के तहत कम रह जाएंगे। इसे ठीक नहीं माना जाता। इसलिए ये नियम बनाया गया है। आगे जब भी कभी सुपर ओवर हो तो आपको पता रहना चाहिए कि इसमें चाहे कितने भी रन बन जाएं और चाहे कितने भी विकेट ले लिए जाएं, लेकिन ये आंकड़ों में नहीं जोड़े जाते।

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