सुरक्षा चिंताओं के चलते लिया बड़ा फैसला, लिटन दास का बड़ा खुलासा

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नई दिल्ली : भारत में आयोजित टी20 विश्व कप 2026 से बांग्लादेश के हटने का मामला अब भी चर्चा का विषय बना हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार टूर्नामेंट समाप्त हुए करीब तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन इस फैसले को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट में बहस थमने का नाम नहीं ले रही है। इस समय बांग्लादेश अपने घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी कर रहा है और इसी दौरान विश्व कप बहिष्कार का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों के बयान सामने आने के बाद इस विवाद ने नया मोड़ ले लिया है, जिससे बांग्लादेश क्रिकेट में इस फैसले को लेकर चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं।

टीम के कई खिलाड़ी फैसले से नहीं थे सहमत

बांग्लादेश के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज लिटन दास ने टी20 विश्व कप 2026 से हटने के फैसले को लेकर बड़ा खुलासा किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने स्पष्ट कहा कि खिलाड़ियों से इस मुद्दे पर कभी कोई राय नहीं ली गई थी और भारत में खेलने से इनकार करने का निर्णय खिलाड़ियों तथा बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की आपसी सहमति से नहीं हुआ था। लिटन दास ने पूर्व खेल सलाहकार आसिफ नजरुल के उस दावे को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि खिलाड़ियों और बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए संयुक्त रूप से भारत में मैच न खेलने का फैसला किया था। उनके बयान के बाद इस पूरे विवाद पर नई बहस शुरू हो गई है और फैसले की प्रक्रिया पर कई सवाल उठने लगे हैं।

दरअसल, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए ICC से अपने ग्रुप स्टेज मैच भारत से बाहर कराने की मांग की थी। हालांकि, ICC ने स्वतंत्र सुरक्षा जांच के बाद साफ कहा था कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए किसी तरह का खतरा नहीं है। इसके बावजूद बोर्ड अपने फैसले पर अड़ा रहा, जिसके बाद ICC ने टूर्नामेंट में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया।

लिटन दास ने खिलाड़ियों की बैठक को बताया मीडिया स्टंट

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लिटन दास ने अब इस पूरे विवाद को ‘मीडिया स्टंट’ करार देते हुए नया विवाद खड़ा कर दिया है। बांग्लादेशी अखबार प्रोथोम आलो को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया कि जनवरी में खिलाड़ियों के साथ आयोजित बैठक महज औपचारिकता थी और उसका उद्देश्य वास्तविक चर्चा नहीं, बल्कि दिखावा करना था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लिटन के अनुसार, बैठक में किसी तरह का सवाल-जवाब या खिलाड़ियों की राय जानने की प्रक्रिया नहीं हुई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि खिलाड़ी वहां केवल शामिल होने और चाय पीने के लिए गए थे। लिटन ने यह भी आरोप लगाया कि खिलाड़ी सिर्फ क्रिकेट खेलना चाहते थे, लेकिन उनकी इच्छाओं और विचारों को महत्व नहीं दिया गया। अपने तर्क को मजबूत करते हुए उन्होंने पाकिस्तान दौरे का उदाहरण दिया और कहा कि वहां सुरक्षा व्यवस्था कहीं अधिक कड़ी थी, फिर भी खिलाड़ियों ने क्रिकेट खेलने पर ध्यान केंद्रित किया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लिटन दास ने कहा कि खिलाड़ियों से उनकी राय तो पूछी गई, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनके अनुसार, एक खिलाड़ी के तौर पर टीम की प्राथमिकता सिर्फ क्रिकेट खेलना थी, लेकिन भारत में सुरक्षा को लेकर अलग तरह की चिंताएं जताई गईं। लिटन ने पाकिस्तान दौरे का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी थी और खिलाड़ियों के कमरों के बाहर हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात रहते थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने सवाल उठाया कि इससे अधिक चुनौतीपूर्ण सुरक्षा माहौल और क्या हो सकता है। लिटन का कहना था कि इसके बावजूद खिलाड़ियों ने क्रिकेट खेलने पर ध्यान दिया। उन्होंने दोहराया कि भारत में टी20 विश्व कप से हटने का निर्णय खिलाड़ियों का नहीं था और इस फैसले में टीम की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी।

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