नई दिल्ली: गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की साइकिलिस्ट मीनाक्षी रोहिल्ला ने खेलो इंडिया विश्वविद्यालय खेल 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए शनिवार, 29 नवंबर को महिलाओं की स्क्रैच स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हालांकि साइक्लिंग प्रतियोगिता के अंतिम दिन तीन किमी परस्यूट फाइनल में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और वे रजत पर संतोष करना पड़ा। इसके बावजूद मीनाक्षी ने इन खेलों में अपने अभियान का दमदार समापन किया और कुल चार स्वर्ण तथा एक रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया।
नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनएसएनआईएस) पटियाला में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं मीनाक्षी रोहिल्ला ने साइकिलिंग प्रतियोगिता की शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। पहले दिन उन्होंने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय को टीम परस्यूट का खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे पहले मीनाक्षी टाइम ट्रायल और 80 किमी की रोड रेस जीत चुकी थीं, जहां उन्होंने लगातार दो रोड स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल कर अपने शानदार फॉर्म का परिचय दिया।
तेईस साल की मीनाक्षी ने स्क्रैच रेस में शानदार रणनीति अपनाई। वह अंतिम दो लैप तक अंतिम स्थान पर थीं, लेकिन इसके बाद उन्होंने इनर लाइन पर चलकर अपने अपने से आगे चल रही दोनों प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़कर स्वर्ण पदक जीत लिया।
मीनाक्षी (4 मिनट 14.150 सेकेंड) को हालांकि तीन किमी व्यक्तिगत परस्यूट में कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) की खोइरोम रेजिया देवी (4 मिनट 12.798 सेकेंड) से पिछड़ने के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। मीनाक्षी ने बताया, ‘मैं थोड़ी निराश हूं कि मैं पांचवां स्वर्ण पदक नहीं जीत सकी, क्योंकि इसी स्पर्धा में मेरा राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।’
उन्होंने कहा, “मैंने आखिरी कुछ लैप में उसके बराबर पहुंचने की कोशिश की, लेकिन मैं पिछले पाँच दिनों से लगातार रेस कर रही थी, जबकि वह अपेक्षाकृत अधिक तरोताज़ा थीं—यही फर्क बना।” मीनाक्षी के उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ उनके साथियों निया सेबेस्टियन और रितेश कौशिक ने भी शानदार प्रदर्शन किया और क्रमशः महिला तथा पुरुष 200 मीटर स्प्रिंट में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इन उपलब्धियों के साथ गुरु नानक देव विश्वविद्यालय कुल 26 स्वर्ण पदक हासिल कर पदक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुँच गया, जो उनकी टीम की मजबूती और निरंतरता का प्रमाण है।
जैन विश्वविद्यालय 27 स्वर्ण के साथ शीर्ष पर है, जबकि लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी 22 स्वर्ण के साथ तीसरे स्थान पर है। जयपुर के जगतपुरा निशानेबाजी रेंज में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के स्कीट निशानेबाजों ऋतुराज सिंह बुंदेला और शिवानी रायकवार ने मिश्रित टीम स्पर्ध का स्वर्ण पदक जीता। ऋतुराज सिंह बुंदेला ने व्यक्तिगत स्कीट में भी स्वर्ण पदक जीता।
पंजाब विश्वविद्यालय की सिमरनप्रीत कौर बरार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल फाइनल में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं भारोत्तोलन प्रतियोगिता में शनिवार को चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की शिवानी यादव ने 86 किग्रा से अधिक वजन वर्ग में कुल 188 किग्रा भार उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। इन दोनों खिलाड़ियों की जीत ने अपने-अपने विश्वविद्यालयों के लिए पदक तालिका में महत्वपूर्ण योगदान दिया और प्रतियोगिता में चमक बिखेरी।
महर्षि गंगा सिंह विश्वविद्यालय के केसव बिस्सा ने पुरुषों के 110 किग्रा से अधिक वजन वर्ग में 352 किग्रा भार उठाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया और वेटलिफ्टिंग में बेहतरीन प्रदर्शन दर्ज किया। वहीं रग्बी में केआईआईटी ने पुरुष और महिला दोनों वर्ग में दबदबा कायम रखा। महिला फाइनल में केआईआईटी ने चंडीगढ़ विश्वविद्यालय को 17-5 से हराकर लगातार तीसरा खिताब जीतते हुए हैट्रिक पूरी की, जबकि पुरुष वर्ग के रोमांचक फाइनल में टीम ने अतिरिक्त समय में चंडीगढ़ विश्वविद्यालय को 15-10 से पराजित कर पहली बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

