नई दिल्ली : न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों से लेकर दुनिया भर में टीवी स्क्रीन के सामने बैठकर फाइनल देख रहे करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों की उम्मीदें लियोनेल मेसी पर टिकी थीं। सभी चाहते थे कि अर्जेंटीना का महान खिलाड़ी एक और विश्व कप अपने नाम करे, लेकिन सुनहरे अभियान का अंत निराशा के साथ हुआ। मुकाबले के 106वें मिनट में स्पेन के फेरान टोरेस ने निर्णायक गोल दागकर मैच का रुख बदल दिया और अर्जेंटीना को हराते हुए अपनी टीम को विश्व कप 2026 का खिताब दिला दिया। हार के बाद मेसी के चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी, जिसने उनके प्रशंसकों को भी भावुक कर दिया।
दक्षिण अमेरिकी धुरंधर से छिनकर यूरोपीय दिग्गज ने विश्व फुटबॉल की बादशाहत पर कब्जा कर लिया। ब्राजील (1958 और 1962) के बाद अर्जेंटीना लगातार दो खिताब जीतने वाली पहली टीम बनने का सपना लेकर फाइनल में उतरी थी। मेसी लगातार दूसरी बार चैम्पियन नहीं बन सके। आखिरी सीटी बजने पर उनकी आंखों में नमी और चेहरे पर निराशा को सभी ने देखा।
फेरान टोरेस के गोल ने तोड़ी मेसी की उम्मीदें
एक तरफ स्पेन के खिलाड़ी जश्न मना रहे थे तो दूसरी तरफ मेसी और उनकी टीम स्टेडियम के दक्षिणी छोर पर अर्जेंटीना के समर्थकों को धन्यवाद दे रही थी और शायद माफी भी मांग रही थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अर्जेंटीना को फ्रांस के खिलाफ 2022 विश्व कप में खिताबी जीत और दो बार कोपा अमेरिका खिताब दिलाने में सूत्रधार रहे मेसी स्पेन का गोल होने के बाद सिर झुकाये और कमर पर हाथ रखकर स्तब्ध खड़े रहे।
मेसी के दम पर अर्जेंटीना ने फाइनल तक तय किया सफर
बार्सीलोना और पेरिस सेंट-जर्मेन के साथ 12 लीग खिताब तथा चार यूईएफए चैंपियंस लीग ट्रॉफियां जीतने के बाद जब लियोनेल मेसी ने तीन साल पहले यूरोपीय फुटबॉल छोड़कर मेजर लीग सॉकर (एमएलएस) का रुख किया, तब कई लोगों को लगा था कि उनका करियर अब अंतिम दौर में है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लेकिन मेसी ने इन सभी अटकलों को गलत साबित करते हुए अर्जेंटीना को लगातार दूसरी बार फीफा विश्व कप के फाइनल तक पहुंचाया। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए आठ गोल किए और चार गोल में निर्णायक असिस्ट भी दिया, जिससे एक बार फिर साबित हुआ कि बड़े मंच पर उनका प्रभाव आज भी बरकरार है।
मेसी के 125 अंतरराष्ट्रीय गोल हैं
विश्व कप में उनके 21 गोल हो गए हैं और शनिवार को तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे (22 गोल) के आगे निकलने तक वह शीर्ष पर थे। तीन विश्व कप फाइनल खेलने वाले पहले खिलाड़ी मेसी के 125 अंतरराष्ट्रीय गोल हैं और वह सिर्फ क्रिस्टियानो रोनाल्डो (146) से पीछे हैं।
मेसी ने संन्यास से की वापसी
लियोनेल मेसी ने 2016 कोपा अमेरिका फाइनल में चिली के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में मिली हार के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया था। हालांकि, महज 47 दिन बाद उन्होंने अपना फैसला बदलते हुए राष्ट्रीय टीम में वापसी की। इसके बाद मेसी ने अर्जेंटीना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और 2022 में टीम को 36 साल बाद तीसरा फीफा विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई। पेले और डिएगो माराडोना जैसे महान खिलाड़ियों की श्रेणी में गिने जाने वाले मेसी ने अपनी वापसी से साबित कर दिया कि महान खिलाड़ी मुश्किल परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते।
खिताब जीतने के बाद स्पेन के खिलाड़ियों ने मेसी का बढ़ाया हौसला
फाइनल की आखिरी सीटी बजते ही स्पेन के कई खिलाड़ी लियोनेल मेसी के पास पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी। हार से निराश मेसी कुछ देर तक मैदान पर ही बैठ गए। वह हाथ पीछे टिकाकर खामोशी से मैदान की ओर देखते रहे और उनके चेहरे पर गहरी मायूसी साफ नजर आ रही थी। जब उपविजेता का पदक लेने की बारी आई तो उन्होंने मुस्कुराने की कोशिश जरूर की, लेकिन अपनी भावनाओं को छिपा नहीं सके। सम्मान समारोह के बाद मेसी चुपचाप मैदान के एक कोने से बाहर निकल गए। यह दृश्य करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों के लिए भावुक करने वाला था और माना जा रहा है कि यह विश्व कप मंच पर उनका आखिरी मैच भी हो सकता है।


