नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के व्हाइट-बॉल टीम (वनडे और टी20) के कप्तान मिचेल मार्श ने सोमवार रात एक चौकाने वाला फैसला लिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने एशेज सीरीज के बीच ही सभी राज्य स्तरीय रेड-बॉल क्रिकेट यानी घरेलू फर्स्ट क्लास फॉर्मेट से संन्यास ले लिया। इस कदम ने अटकलों को जन्म दे दिया है कि शायद वह भविष्य में टेस्ट क्रिकेट से भी रिटायरमेंट ले सकते हैं, क्योंकि उन्होंने पिछले एक साल में कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है।
मिचेल मार्श आखिरी बार दिसंबर 2024 में भारत के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट खेले थे। लेकिन अब उन्होंने शेफील्ड शील्ड समेत सभी राज्य स्तरीय रेड बॉल क्रिकेट फॉर्मेट से संन्यास लेकर सभी को हैरान किया है। हालांकि, अभी इंटरनेशनल टेस्ट क्रिकेट से उनके रिटायरमेंट की कोई खबर नहीं है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया में बिना शेफील्ड शील्ड खेले टेस्ट टीम में खेलना काफी मुश्किल होता है। मार्श ऑस्ट्रेलिया की वनडे और टी20 टीम के कप्तान भी बने रहेंगे।
34 वर्षीय मिचेल मार्श ने अपने वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया टीम के साथियों को इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह गर्व की बात थी कि मैंने शेफील्ड शील्ड क्रिकेट में वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के लिए खेला। इस समय मैं स्कॉर्चर्स और अपने ग्रुप के साथ व्यस्त हूं। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट मेरे जीवन का अहम हिस्सा रहा है, इसलिए मैं भविष्य में अन्य जिम्मेदारियों के लिए भी उपलब्ध रहूंगा।” मार्श ने 2009 में अपना शेफील्ड शील्ड डेब्यू किया था।
11 साल में केवल 46 टेस्ट मैच खेले
मिचेल मार्श के इस फैसले के बाद उनके टेस्ट करियर पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने 2014 में टेस्ट डेब्यू किया था और अब तक सिर्फ 46 टेस्ट मैच खेले हैं। एशेज सीरीज में भी वह टीम का हिस्सा नहीं हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 28.53 की औसत से 2083 रन और 51 विकेट दर्ज हैं। हालांकि, चीफ सेलेक्टर्स जॉर्ज बेली का मानना है कि मार्श के इस फैसले के बावजूद उनका टेस्ट करियर खत्म नहीं हुआ है और वह भविष्य में कभी भी ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट टीम में वापसी कर सकते हैं।

