भोपाल: दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया और महाराष्ट्र दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वावधान में पुणे के सिंहगड़ कॉलेज में खेले गए नेशनल दिव्यांग टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट में बंगाल ने मध्य प्रदेश को हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। फाइनल मुकाबले में बंगाल ने मध्य प्रदेश को 51 रनों से हराकर खिताब को अपने नाम किया।
बता दे की मध्य प्रदेश एक नयी टीम है जो की पूरी तरह 2021 से अस्तित्व मे है और राष्ट्रीय प्रतियोगिता मे फाइनल मे पहुंचना ही अपने आप मे सिद्ध करता है की खिलाडी जी जान से मेहनत कर रहे है और प्रदेश का नाम पुरे देश मे रौशन कर रहे है।
अगर फाइनल मैच की बात करे तो मध्य प्रदेश की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए बंगाल ने 6 विकेट खोकर 158 रन बनाए। बंगाल के लिए सुभोजित पॉल ने 41, बिनॉय तिर्की ने 42 और अंत में जयेश परमार ने 21 गेंदों में 4 चौके और 2 छक्कों के सहारे 39 रन बनाकर टीम को 158 रन तक पहुंचाया। मध्य प्रदेश के लिए गेंदबाजी करते हुए अमन आंजना ने 2 और मुकम्मिल खान ने 1 विकेट लिए।
फाइनल मुकाबले को जीतने के लिए मध्य प्रदेश की टीम 159 रनों का पीछा करने उतरी। मध्य प्रदेश की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज वेदांत गुप्ता एवं अंकित सिंह बघेल (जिन्होंने पिछले मैच मे अपने उत्कृस्ट प्रदर्शन से अपनी टीम को फाइनल मे पहुंचने मे एहम भूमिका निभाई थी ), 3-3रन बनाकर पवेलियन लौट गए। मध्य प्रदेश की टीम 6 रनों पर 2 विकेट गंवा दिए। उसके बाद श्याम चकवा ने 20 और निखिल मेवाड़ा ने 15 रन बनाए।

मध्य प्रदेश 52 रन पर 4 विकेट गंवा दिए। उसके बाद मध्य प्रदेश के लिए जीत मुश्किल हो गई। उसके बाद मध्य प्रदेश की टीम लगातार विकेट गंवाती रही। जिस कारण से मध्य प्रदेश की टीम को 51 रनों हार मिली। बंगाल के सुभोजित ने 2, श्री दीप ने 2, विजय शॉ ने 1 और गोविंद मंडल ने 1 विकेट लिया। सुभोजीत पॉल को मैन ऑफ मैच का पुरस्कार के साथ साथ मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार भी दिया गया। वही पुडुचेरी के रजनी को बेस्ट बैटर का और पुडुचेरी के ही सुबास गांटिस को बेस्ट बॉलर का पुरस्कार दिया गया। जबकि बेस्ट फिल्डर का पुरस्कार मध्य प्रदेश के विकेटकीपर वेदांत गुप्ता को दिया गया।
इस दौरान दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया के महासचिव हारून रशीद ने खिलाड़िओ की हौशला अफ़ज़ाई करते हुए सभी को दवाब मे धैर्य बनाये रखने की हिदायत दी जिससे नवंबर 2024 मे आयोजित होने वाले विश्व कप मे एक ऐसे खिलाड़िओ की टीम बने जो किसी भी एरिया मे अपना सत प्रतिशत दे सके।
इस प्रदर्शन पर दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव सूरज मानकेले ने कोच अंकित रॉकी शर्मा एवं कप्तान माखन सिंह को बधाई देते हुए
पूरी टीम को इसी तरह अनुशासन मे खेलने के लिए प्रसंसा की। वही अध्यक्ष मोहन द्विवेदी ने बधाई देते हुए बताया की आज जिस मुकाम मे है उसकी वजह एसोसिएशन की मेहनत और खिलाड़िओ के जज्वे को दिया।


