नीरज चोपड़ा का 88.05 मीटर का दमदार थ्रो बेकार, पथिरागे ने फिर मारी बाजी

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नई दिल्ली : लॉजेन में शनिवार (21 अगस्त) को नीरज चोपड़ा ने 88.05 मीटर का शानदार थ्रो किया, लेकिन इसके बावजूद वह डायमंड लीग का खिताब जीतने से चूक गए। श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर बाजी मारी और खिताब अपने नाम किया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद यह लगातार दूसरी बार है, जब पथिरागे ने नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़कर खिताब पर कब्जा किया।

चोट के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के बाद वापसी करते हुए नीरज चोपड़ा ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने इस सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। नीरज ने 83.54 मीटर के थ्रो के साथ शुरुआत की और पहले राउंड में दूसरे स्थान पर रहे, जबकि पथिरागे ने 85.99 मीटर के थ्रो के साथ इवेंट की शुरुआत की।

पाथिरागे ने अपनी दूसरी कोशिश में थ्रो को बेहतर करते हुए 87.06 मीटर की दूरी तय की, जबकि पूर्व वर्ल्ड चैंपियन एंडरसन पीटर्स ने 84.76 मीटर का थ्रो किया। हालांकि, नीरज ने अपनी दूसरी कोशिश में 88.05 मीटर का सीजन का बेस्ट थ्रो किया और बढ़त बनाते हुए बाकी सभी को पीछे छोड़ दिया। 88.05 मीटर के इस थ्रो ने नीरज को भारत का बेस्ट थ्रोअर भी बना दिया। उन्होंने नेशनल रिकॉर्ड के मामले में रोहित यादव को पीछे छोड़ दिया।

पाथिरागे ने अपनी तीसरी कोशिश में 88.14 मीटर का एक और लंबा थ्रो करके अपनी बढ़त वापस हासिल की। नीरज और पीटर्स क्रमशः 83.72 मीटर और 84.71 मीटर ही फेंक पाए। चौथी कोशिश में नीरज का थ्रो फाउल हो गया, जबकि पाथिरागे ने 86.71 मीटर के थ्रो के साथ अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। यह उनकी चार कोशिशों में से चौथी बार था जब उन्होंने 85 मीटर से ज्यादा दूर थ्रो किया।

नीरज चोपड़ा ने इसके बाद 82.15 मीटर का एक और थ्रो किया, जबकि रुमेश पथिरागे अपने आखिरी दो प्रयासों में फाउल कर बैठे। मुकाबले के नतीजे पर बात करते हुए नीरज ने बताया कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि दोनों के बीच मुकाबला इतना करीबी रहा। उन्होंने कहा, “मुझे पता नहीं चला कि अंतर सिर्फ नौ सेंटीमीटर का था। मुकाबला वाकई बहुत करीबी था, लेकिन मैं 88 मीटर के थ्रो से खुश हूं।”

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