भोपाल, NST News। राजधानी भोपाल में वैदिक ब्राह्मणों एवं पुजारियों के बीच आयोजित विशेष क्रिकेट प्रतियोगिता ने खेल के साथ भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि पूरे मैच के दौरान संस्कृत भाषा में कमेंट्री की गई और सभी खिलाड़ी धोती-कुर्ता जैसी पारंपरिक भारतीय वेशभूषा में मैदान पर उतरे। चौके-छक्कों के बीच संस्कृति की झलक ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
महर्षि मैत्री श्रृंखला के फाइनल मुकाबले में नीलकंठ एकादश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। नीलकंठ टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मात्र 10 ओवरों में 158 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में याग्निक एकादश दबाव में आ गई और पूरी टीम 100 रनों पर ऑलआउट हो गई। इस तरह नीलकंठ एकादश विजेता बनी, जबकि याग्निक एकादश को उपविजेता से संतोष करना पड़ा।
पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता नीलकंठ टीम को 25 हजार रुपये की नगद राशि प्रदान की गई। यह पुरस्कार भोपाल सांसद आलोक शर्मा द्वारा दिया गया। वहीं उपविजेता याग्निक एकादश को 15 हजार रुपये की नगद राशि से सम्मानित किया गया, जिसे दक्षिण-पश्चिम विधानसभा के विधायक भगवानदास ने प्रदान किया। इस अवसर पर परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष विष्णु राजोरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, भोपाल विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण मोहन सोनी, पूर्व उपाध्यक्ष सुनील पांडे, राष्ट्रपति सम्मानित रघुवर प्रसाद गोस्वामी, पंडित राकेश चतुर्वेदी, शशांक मिश्रा, अशोक पांडे, अरविंद शुक्ला, अनिल भार्गव बच्चन सहित भोपाल के विभिन्न ब्राह्मण संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। विदिशा, रायसेन और सीहोर से भी बड़ी संख्या में लोग मैच देखने पहुंचे। आयोजकों ने सभी खिलाड़ियों का सम्मान किया। यह आयोजन केवल क्रिकेट प्रतियोगिता नहीं, बल्कि वैदिक संस्कृति, संस्कार और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास साबित हुआ।

