नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम अपनी तैयारियों को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में परखने वाली है। इन पांच मैचों में खास ध्यान अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की ओपनिंग जोड़ी पर रहेगा, जो शुभमन गिल की वापसी से प्रभावित हुई थी। गिल को न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज और आगामी टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम से बाहर रखा गया है। इस बदलाव के चलते भारत की प्लेइंग 11 में लोअर मिडिल ऑर्डर की जगह खाली हो गई है, जिसे विकेटकीपर जितेश शर्मा संभाल रहे हैं।
जितेश की जगह रिंकू सिंह को भारत की प्लेइंग 11 में मौका मिल सकता है, जो हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे के साथ फिनिशर की भूमिका निभाते दिख सकते हैं। पिछले कुछ समय में भले ही रिंकू सिंह को बहुत ज्यादा मौके न मिले हों, लेकिन टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम के वह एक्स फैक्टर हो सकते हैं। उनके आंकड़े बताते हैं कि भारतीय टीम को बड़े से बड़ा स्कोर तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं।
फिनिशर रिंकू सिंह का जबरदस्त रिकॉर्ड
टी20 में डेथ ओवर्स (17-20) में कम से कम 200 रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों में सिर्फ कप्तान सूर्यकुमार यादव (228.49) और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा (217.24) का स्ट्राइक रेट रिंकू सिंह के 207.75 से बेहतर है। हार्दिक पंड्या ने सबसे ज्यादा रन बनाए हैं, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 184.41 का है। वहीं, शिवम दुबे ने 200 रन से कम बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 164.07 का है, जिससे डेथ ओवर्स में रिंकू सिंह का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली माना जा सकता है।
रिंकू सिंह की तुलना: हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे के साथ
सूर्यकुमार यादव और रोहित शर्मा टॉप-ऑर्डर के बल्लेबाज हैं, जो आम तौर पर डेथ ओवर्स शुरू होने से पहले ही सेट हो जाते हैं। इसके विपरीत, रिंकू सिंह, हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे की बल्लेबाजी अक्सर डेथ ओवर्स के तुरंत पहले आती है। ऐसे में रिंकू सिंह इस फॉर्मेट में भारत के सबसे भरोसेमंद फिनिशर माने जाते हैं। डेथ ओवर्स में उनका औसत 38.28 है, जो दिखाता है कि वह विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए भी आउट होने की जल्दी नहीं करते। वहीं, हार्दिक पंड्या का औसत 23.66 और शिवम दुबे का औसत 18.77 का है, जो रिंकू की स्थिरता और प्रभावशाली प्रदर्शन को और उजागर करता है।


