राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम के अनुरूप एनआरएआई ने संविधान में किए संशोधन, आमसभा ने सर्वसम्मति से दी मंजूरी

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भुवनेश्वर। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने खेल प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और संस्थागत सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अपने संविधान में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दे दी है। ओडिशा के भुवनेश्वर में 18 जुलाई को आयोजित विशेष आमसभा (स्पेशल जनरल बॉडी मीटिंग) में इन संशोधनों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। नए संशोधन राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम (नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट-2025) के प्रावधानों के अनुरूप किए गए हैं। इसके साथ ही एनआरएआई देश के उन शुरुआती राष्ट्रीय खेल महासंघों में शामिल हो गया है, जिन्होंने नए कानून के अनुरूप अपने प्रशासनिक ढांचे को औपचारिक रूप से लागू किया है।

एनआरएआई के अध्यक्ष कालिकेश नारायण सिंह देव ने कहा कि एनएसजीए-2025 के मानकों को अपनाना अधिक मजबूत, जवाबदेह और खिलाड़ी-केंद्रित खेल व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आमसभा का सर्वसम्मत समर्थन इस बात का प्रमाण है कि संगठन खेल प्रशासन के आधुनिकीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इन संशोधनों से एनआरएआई राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप पूरी तरह सक्षम रहेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान भी बनाए रखेगा।

संशोधित संविधान के तहत एनआरएआई में खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए कई वैधानिक व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें खिलाड़ी कल्याण समिति, आचार संहिता (कोड ऑफ एथिक्स) तथा आंतरिक विवादों के त्वरित समाधान के लिए सुव्यवस्थित तंत्र शामिल है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य खिलाड़ियों और सदस्यों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करना है। एनआरएआई के महासचिव पवन कुमार सिंह ने कहा कि संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करना और उन्हें पारदर्शी एवं निष्पक्ष व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इन संरचनात्मक सुधारों के लागू होने से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और विकास से जुड़ा सहयोग बिना किसी बाधा के मिलता रहेगा तथा जमीनी स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक उनकी प्रगति का मार्ग और मजबूत होगा।

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