कराची : दक्षिण एशिया के प्रमुख फुटबॉल टूर्नामेंट सैफ विमेंस चैंपियनशिप 2026 से पाकिस्तान ने अपना नाम वापस ले लिया है। पाकिस्तान फुटबॉल महासंघ ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच बिगड़ते संबंधों के कारण यह निर्णय लिया गया है। यह प्रतियोगिता 25 मई से 6 जून तक गोवा के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित की जानी है।
अब टूर्नामेंट में सिर्फ छह टीमों की भिड़ंत
पाकिस्तान के हटने के बाद अब इस टूर्नामेंट में कुल 6 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें भारत, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, भूटान और मालदीव शामिल हैं। ढाका में हुए ड्रॉ में इन टीमों को दो समूहों में बांटा गया है, जिससे प्रतियोगिता का रोमांच बरकरार रहेगा।
पाकिस्तान की वापसी से टूर्नामेंट पर असर
यह फैसला पाकिस्तान महिला फुटबॉल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हाल के वर्षों में टीम धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी कर रही थी और इस टूर्नामेंट को खुद को साबित करने का बड़ा मौका माना जा रहा था। लेकिन एक बार फिर राजनीतिक तनाव ने खेल पर असर डाला और खिलाड़ियों का यह मंच छिन गया।
पाकिस्तान पहले भी कई खेल आयोजनों से पीछे हट चुका है
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने भारत में होने वाले किसी खेल आयोजन से दूरी बनाई हो। इससे पहले भी पाकिस्तान ने पुरुष जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप और एशिया कप में अपनी टीम नहीं भेजी थी। यह लगातार बढ़ती प्रवृत्ति दर्शाती है कि खेल और राजनीति का टकराव दक्षिण एशिया में अभी भी जारी है।
भारत और बांग्लादेश पर रहेंगी सबकी निगाहें
भारत इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम रही है, जिसने अब तक पाँच बार खिताब अपने नाम किया है। वहीं बांग्लादेश ने पिछले दो संस्करण (2022 और 2024) में जीत हासिल कर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। ऐसे में इस बार भी दोनों टीमों के प्रदर्शन पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।


