परिनाज-अनंत की जोड़ी ने जीता कांस्य, मिश्रित स्कीट में स्वर्ण से चूका भारत

0

नई दिल्ली : भारत के अनंतजीत सिंह नरुका और परिनाज धालीवाल ने गुरुवार को एशियन गेम्स की मिश्रित स्कीट टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए कांस्य पदक अपने नाम किया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 44 अंक के स्कोर के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। दोनों निशानेबाजों ने पूरे मुकाबले में अपनी लय बनाए रखी और छह सीरीज में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया। पहली सीरीज के बाद भारतीय जोड़ी का स्कोर 7 अंक था, जो दूसरी में 14, तीसरी में 21, चौथी में 29, पांचवीं में 36 और छठी तथा अंतिम सीरीज के बाद 44 अंक तक पहुंच गया। इस दमदार प्रदर्शन के साथ अनंतजीत और परिनाज ने शूटिंग में भारत के खाते में एक और कांस्य पदक जोड़ दिया।

शूटिंग में भारत के पदकों की संख्या पहुंची 8

इससे पहले, अनंतजीत और परिनाज ने क्वालिफिकेशन राउंड में 138 के कुल स्कोर के साथ चौथा स्थान हासिल किया था और अंतिम उपलब्ध स्थान पर रहते हुए फाइनल में प्रवेश किया था। इस कांस्य पदक के साथ ही आइची-नागोया एशियन गेम्स में भारत के निशानेबाजी पदकों की कुल संख्या आठ हो गई है, जिसमें चार रजत और चार कांस्य पदक शामिल हैं। इससे पहले बुधवार को भी भारत की पुरुष और महिला स्कीट निशानेबाजी टीमों ने आइची प्रीडेक्चुरल जनरल शूटिंग गैलरी में दो कांस्य पदक अपने नाम किए थे।

चीन ने जीता स्वर्ण, दक्षिण कोरिया के खाते में रजत

इस इवेंट में स्वर्ण की उम्मीद बनी हुई थी, लेकिन भारतीय जोड़ी तीसरे स्थान से आगे नहीं बढ़ सकी और उसे तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। अनंत और परिनाज की जोड़ी ने 44 स्कोर किया और कांस्य पर कब्जा जमाया। चीन ने 52 अंकों के साथ स्वर्ण और दक्षिण कोरिया ने 51 के साथ रजत अपने नाम किया। अनंत और परिनाज का यह इस एशियाड में दूसरा पदक रहा। अनंत ने इससे पहले पुरुष स्कीट टीम के साथ और परिनाज ने इससे पहले महिला स्कीट टीम के साथ कांस्य जीता था। यह भारत का 15वां पदक है।

स्वर्ण की दौड़ में कैसे पिछड़ी भारतीय जोड़ी?

भारत के स्कीट निशानेबाजों ने वापसी करते हुए खुद को पदक की दौड़ में बनाए रखा था। दक्षिण कोरिया की चूक का भारतीय टीम ने फायदा उठाया। एक समय भारत और दक्षिण कोरिया 14-14 अंक के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर थे। पहली तीन सीरीज के बाद भारत तीसरे स्थान पर था, लेकिन शीर्ष स्थान से सिर्फ दो अंक पीछे चल रहा था। चीन सबसे आगे रहा और उसका प्रदर्शन बेहद सटीक रहा। दक्षिण कोरिया ने लगातार दूसरी बार 8/8 का स्कोर किया और चीन पर दबाव बढ़ा दिया।

चीन ने फिर 7/8 का स्कोर किया और वह संयुक्त रूप से शीर्ष पर आ गया। भारत ने भी आखिरकार परफेक्ट 8/8 का स्कोर करते हुए चीन और दक्षिण कोरिया से अंतर कम कर लिया। इस तरह कतर पदक की दौड़ से बाहर हो गया। भारतीय जोड़ी ने वापसी की शानदार कोशिश की, लेकिन उसका स्कोर स्वर्ण के लिए काफी नहीं रहा। स्वर्ण की उम्मीद बनी हुई थी, लेकिन भारतीय जोड़ी आगे नहीं बढ़ सकी। उसे तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here