नई दिल्ली : एशियन गेम्स 2026 की आधिकारिक शुरुआत शनिवार को ओपनिंग सेरेमनी के साथ होने जा रही है। इस खास मौके पर भारतीय दल का नेतृत्व ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और कबड्डी स्टार पवन सेहरावत ध्वजवाहक के रूप में करेंगे। हालांकि, भारत के पुरुष ध्वजवाहक के नाम में आखिरी वक्त पर बदलाव करना पड़ा। पहले यह जिम्मेदारी शॉट-पुटर तेजिंदरपाल सिंह तूर को सौंपी गई थी, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण वह ओपनिंग सेरेमनी में ध्वजवाहक की भूमिका नहीं निभा पाएंगे। ऐसे में उनकी जगह पवन सेहरावत को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एशियन गेम्स में मनु भाकर के साथ पवन सेहरावत होंगे भारत के ध्वजवाहक
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शनिवार शाम आइची-नागोया के पालोमा मिजुहो स्टेडियम में होने वाली ओपनिंग सेरेमनी में मनु भाकर और पवन सेहरावत भारतीय दल के ध्वजवाहक होंगे। भारतीय समयानुसार सेरेमनी दोपहर ढाई बजे से शाम साढ़े चार बजे तक चलेगी। आईओए के एक अधिकारी ने बदलाव की जानकारी देते हुए कहा, ‘तकनीकी दिक्कतों की वजह से, तेजिंदरपाल सिंह तूर भारत के ध्वजवाहक के तौर पर काम नहीं कर पाएंगे। उनकी जगह पवन सेहरावत शनिवार शाम को ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे।’
सेहरावत के लिए यह जिम्मेदारी उनके शानदार कबड्डी करियर में एक और खास उपलब्धि है। वह पिछले एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का हिस्सा थे और उस अभियान के दौरान टीम की कप्तानी भी की थी। इस बार टीम की कप्तानी सुनील कुमार करेंगे, जबकि सेहरावत टीम में अहम भूमिका निभाएंगे।
ध्वजवाहक बनने की खुशी में पूरी रात नहीं सो पाए पवन सेहरावत
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पवन सेहरावत ने बताया कि ध्वजवाहक बनाए जाने की खबर उनके लिए इतनी खास थी कि वह पूरी रात सो ही नहीं पाए। उन्होंने कहा, ‘मैं भारतीय झंडा उठाने के लिए बहुत ज्यादा उत्साहित हूं। जब मुझे पता चला कि मैं ध्वजवाहक हूं, तो पूरी रात मुझे नींद नहीं आई। यह मेरे लिए बहुत गर्व का पल है। हमारा एक अभ्यास शेड्यूल है। आम तौर पर, मैं अपने कोच या आईओए के तय शेड्यूल के हिसाब से अभ्यास करता हूं। मैं कल रात सोया नहीं। आज, मैं सुबह जिम गया और यहां आ गया।’
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आईओए के वीडियो में भी सेहरावत ने अपने उत्साह का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘मैं पूरी रात जागा रहा। लेकिन मेरे हाथों में अपने देश का झंडा उठाने की एनर्जी अभी भी है। यह मेरे लिए गर्व की बात है।’ सेहरावत ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने ध्वजवाहक चुने जाने की बात रात में परिवार के सभी सदस्यों को नहीं बताई। उनके बड़े भाई ने रात में उन्हें फोन किया था। इसके बाद उन्होंने सुबह परिवार के बाकी लोगों को इस बारे में बताया।
मनु भाकर के लिए यादगार होगा यह पल, एशियन गेम्स में थामेंगी तिरंगा
पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली मनु भाकर के लिए भी एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में ध्वजवाहक बनना खास अनुभव है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि शुक्रवार को जब उन्हें इस जिम्मेदारी के बारे में पता चला तो उन्हें अपने करियर के शुरुआती दिनों की याद आ गई।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मनु ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो जब मुझे शुक्रवार को पता चला कि एशियन गेम्स 2026 में मुझे ध्वजवाहक बनना है, तो मुझे अपने पुराने दिनों की याद आ गई। मैंने जब अपने करियर की शुरुआत की थी। उस समय नहीं सोचा था कि एक दिन मैं यहां तक पहुंचूंगी। मुझे बहुत ही गर्व की अनुभूति हो रही है। मैं सम्मानित और खुश महसूस कर रही हूं। इसके लिए मैं ईश्वर और सभी का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। मुझे हमेशा समर्थन देने के लिए फैंस का भी मैं शुक्रिया अदा करती हूं।’
सिर्फ 16 साल की उम्र में खेला था पहला एशियन गेम्स
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मनु ने बताया कि उन्होंने 2018 में 16 साल की उम्र में पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लिया था। उस समय जकार्ता में हुए एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में वह शामिल नहीं हो सकी थीं। शूटिंग प्रतियोगिता अगले दिन शुरू होने के कारण उनके लिए सेरेमनी में जाना मुश्किल था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, ‘मैंने 2018 में 16 साल की उम्र में पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लिया था। उस समय एशियन गेम्स जकार्ता में हुआ था। मैं ओपनिंग सेरेमनी का हिस्सा नहीं बन पाई थी। खेल गांव सेरेमनी की वेन्यू से बहुत दूर था। मेरे कोच जसपाल सर का कहना था कि अगर तुम फ्लैग बेयरर नहीं तो फिर सेरेमनी में जाने की जरूरत नहीं है। शूटिंग इवेंट की शुरुआत के अगले दिन ही होता है, इसलिए ओपनिंग सेरेमनी में भाग लेना हमारे लिए मुश्किल होता है। पहली बार मैंने कॉमनवेल्थ गेम्स में ओपनिंग सेरेमनी में हिस्सा लिया था। ऐसे में फ्लैग बेयरर होना काफी रोमांचक है।’
मनु के साथ ध्वजवाहक बनने पर उत्साहित हैं पवन सेहरावत
सेहरावत ने मनु भाकर के साथ ध्वजवाहक बनने को भी खास बताया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, ‘मैं उनसे पहले भी मिल चुका हूं। वह बहुत प्रेरक एथलीट हैं। यह मेरे लिए भी गर्व का पल है। मैं ओलंपिक पदक विजेता के साथ ध्वजवाहक के तौर पर जाऊंगा।’ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने आगे कहा, ‘इतनी बड़ी एथलीट के साथ जाना मेरे लिए अच्छा पल है। जब मैं उनसे पहली बार मिला था, तो उन्होंने बहुत प्रेरणादायी स्पीच दी थी। वह पूरी इंडियन टीम से मिलने आई थीं। अब हमारी दूसरी मुलाकात होगी।’
मनु भाकर की खिलाड़ियों से अपील- प्रदर्शन पर दें पूरा ध्यान
ओपनिंग सेरेमनी से पहले मनु भाकर ने जापान पहुंचे भारतीय खिलाड़ियों को खास संदेश दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को किसी भी तरह की परेशानी के बावजूद अपना ध्यान प्रदर्शन पर केंद्रित रखना चाहिए। मनु ने कहा कि एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर कुछ समस्याएं सामने आ सकती हैं, लेकिन खिलाड़ियों को उन्हें नजरअंदाज करते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पदक मिले या नहीं, हर खिलाड़ी को अपना 100 प्रतिशत देने की कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि यही वह मंच है जिसके लिए सभी ने लंबे समय तक कड़ी मेहनत की है। मनु ने खिलाड़ियों से अपील की कि शिकायतों में अपनी ऊर्जा खर्च करने के बजाय उसे बेहतर प्रदर्शन में लगाएं। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स का यह मौका जीवन में बार-बार नहीं आता और देश के लोग भी भारतीय खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे होंगे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पवन सेहरावत के लिए भारत का ध्वजवाहक बनना उनके कबड्डी करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है। वह 2023 एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में भारत को खिताब दिला चुके हैं और उसी साल उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था। अब शनिवार को आइची-नागोया एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में वह मनु भाकर के साथ भारतीय दल के आगे तिरंगा थामकर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और खेल महाकुंभ की आधिकारिक शुरुआत का हिस्सा बनेंगे।


