नई दिल्ली : एशियाई खेलों में कुछ खेलों के प्रदर्शन से खेल मंत्रालय पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय का मानना है कि जापान में आयोजित एशियाई खेलों के दौरान कुछ खेलों के खिलाड़ियों ने अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं किया। हालांकि, कुल मिलाकर मंत्रालय भारतीय दल के प्रदर्शन को सराहनीय मानता है। खासतौर पर तीरंदाजी में कुमकुम मोहोद, गोल्फ में प्रणवी और भारतीय महिला हॉकी टीम के प्रदर्शन की मंत्रालय ने प्रशंसा की है।
मंत्रालय के अनुसार, इन खिलाड़ियों और टीमों ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया और भारतीय खेलों की मजबूत तस्वीर पेश की। मंत्रालय एशियाई खेलों में भारतीय दल के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने जा रहा है। जिन खेलों में प्रदर्शन अच्छा नहीं है, उनमें 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए कमियां दूर की जाएंगी और तैयारियों को मजबूत करने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही इस बात पर भी मंथन होगा कि खामियां कहां रह गई हैं।
एशियाड में बैडमिंटन, टेनिस और घुड़सवारी ने किया निराश
खेल मंत्रालय ने किसी खेल का नाम नहीं लिया है, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बैडमिंटन, टेनिस, फेंसिंग, घुड़सवारी जैसे खेलों ने अपनी क्षमता से कमतर प्रदर्शन किया है। वहीं, शूटिंग और एथलेटिक्स में भी उम्मीद से कम पदक आए हैं। इन दोनों खेलों में पदकों की संख्या और ज्यादा हो सकती थी। इन दोनों खेलों में इस बार चार स्वर्ण समेत कुल 39 पदक आए हैं, जबकि हांगझोउ में इन दोनों खेलों में 13 स्वर्ण समेत 51 पदक आए थे।
27 इवेंट में चौथे स्थान तक पहुंचे भारतीय खिलाड़ी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय का मानना है कि एशियाड में भारतीय खिलाड़ियों का भाग्य ने भी साथ नहीं दिया। इस बार कुल 27 इवेंट में भारतीय खिलाड़ियों को चौथे स्थान पर रहना पड़ा। अगर भाग्य साथ होता तो इनमें आधे पदक भी मिलते तो इस बार भी पदकों का शतक लग सकता था। मंत्रालय सूत्रों का मानना है कि 495 सदस्यीय भारतीय दल में टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) से 155, खेलो इंडिया से 65 एथलीट शामिल थे, जिसमें 110 टॉप्स और नौ खेलो इंडिया एथलीटों ने पदक जीते। स्वर्ण जीतने वाली पुरुष और महिला क्रिकेट की 30 सदस्यीय टीम ऐसी रही जिसमें टॉप्स का कोई हाथ नहीं था।


