नई दिल्ली : तिलक वर्मा इन दिनों टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में भारत को 125 रन की बड़ी हार झेलनी पड़ी, जिसमें तिलक 11 गेंदों पर केवल 3 रन बनाकर आउट हो गए। हालिया पारियों में उनके बल्ले से लगातार बड़े स्कोर नहीं निकले हैं और सिर्फ एक उल्लेखनीय पारी को छोड़ दें तो वह अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऐसे में टीम के उप-कप्तान के रूप में उनकी भूमिका और प्रदर्शन दोनों पर सवाल उठने लगे हैं। लगातार खराब फॉर्म के चलते क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों की ओर से भी उनकी कड़ी आलोचना की जा रही है।
इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी20 मुकाबले से पहले कृष्णमाचारी श्रीकांत ने तिलक वर्मा के प्रदर्शन और चयन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। पूर्व भारतीय ओपनर ने तिलक के टीम में बने रहने पर सवाल उठाते हुए उन्हें उप-कप्तान बनाए जाने के फैसले पर भी हैरानी जताई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने यह भी कहा कि तिलक को बल्लेबाजी क्रम में अक्षर पटेल के बाद छठे नंबर पर भेजना समझ से परे था। तिलक की हालिया पांच पारियों पर नजर डालें तो उन्होंने 19, 55, 13, 24* और 3 रन बनाए हैं। इनमें आयरलैंड के खिलाफ खेली गई 55 रन की पारी ही उनका एकमात्र उल्लेखनीय प्रदर्शन रहा, हालांकि उस मुकाबले में भी भारत को एक रन से हार का सामना करना पड़ा।
संजू सैमसन की वापसी की पैरवी, तिलक वर्मा पर संकट
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि वह पहले से ही उप-कप्तान हैं और ऐसा लगता है कि जल्द ही कप्तान भी बन जाएंगे। हो सकता है कि तेज गति और उछाल को देखकर तिलक ने खुद ही कहा हो कि वह क्रीज पर नहीं रहना चाहते। उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा है। मैं तिलक वर्मा की जगह संजू सैमसन को खिलाना पसंद करूंगा। आप तिलक को अपना मुख्य बल्लेबाज और उप-कप्तान बनाते हैं। फिर भी आप उन्हें तेज गेंदबाजी से क्यों बचा रहे हैं। वे उन्हें अक्षर पटेल से पहले भेज रहे हैं। साफ है कि वे तिलक वर्मा को बचाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि शॉर्ट-पिच गेंदबाजी के सामने वह कमजोर पड़ जाते हैं।
तिलक वर्मा को बाहर करने की मांग हुई तेज
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कृष्णमाचारी श्रीकांत ने कहा कि वह लगातार तिलक वर्मा को टीम से बाहर करने की बात कर रहे हैं, लेकिन टीम मैनेजमेंट इस पर कोई फैसला नहीं ले रहा। उन्होंने भारतीय टीम मैनेजमेंट और मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीति पर भी सवाल उठाए। श्रीकांत के अनुसार पिछले मुकाबले में बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह गड़बड़ा गया था, जहां शिवम दुबे और अक्षर पटेल से पहले हर्षित राणा को बल्लेबाजी के लिए भेजना गलत फैसला साबित हुआ। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने यह भी कहा कि तेज गेंदबाजी और अतिरिक्त उछाल वाली पिचों पर शिवम दुबे सहज नहीं दिखते, जबकि स्पिन के खिलाफ वह अधिक प्रभावी रहते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार श्रीकांत का मानना है कि टीम प्रबंधन को खिलाड़ियों की ताकत और परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी क्रम तय करना चाहिए, न कि ऐसे प्रयोग करने चाहिए जो टीम पर उल्टा असर डालें।


