वैशाली की उड़ान: परछाइयों से निकलकर वर्ल्ड चैंपियनशिप की दहलीज तक

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नई दिल्ली.   भारतीय शतरंज की ग्रैंडमास्टर R Vaishali ने आखिरकार अपनी अलग पहचान स्थापित कर ली है। लंबे समय तक उन्हें उनके भाई R Praggnanandhaa के संदर्भ में देखा जाता था, लेकिन अब उन्होंने FIDE Women’s Candidates 2026 जीतकर इतिहास रच दिया है। इस जीत के साथ वह वर्ल्ड चैंपियनशिप की चुनौती पेश करने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। कोच RB Ramesh के अनुसार वैशाली के खेल में कभी कमी नहीं थी, लेकिन आत्मविश्वास की कमी उन्हें पीछे रखती थी। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में भी एक समय वह बढ़त खो बैठीं, लेकिन मजबूत वापसी करते हुए उन्होंने शीर्ष स्थान हासिल कर लिया।

पिछले तीन वर्षों में वैशाली ने भारतीय महिला शतरंज को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। उन्होंने 2023 और 2025 में FIDE Grand Swiss खिताब जीते और 2024 में भारत को FIDE Chess Olympiad 2024 में स्वर्ण पदक दिलाने वाली टीम का हिस्सा रहीं। अब उनकी यह जीत उन्हें उस मुकाम पर ले आई है, जहां कभी Koneru Humpy पहुंची थीं। हाल के वर्षों में Divya Deshmukh जैसी युवा खिलाड़ियों के उभरने के साथ भारतीय महिला शतरंज को नई पहचान मिल रही है और वैशाली की सफलता ने इसे और मजबूत किया है। आत्मविश्वास पर काम कर उन्होंने अपने करियर के कठिन दौर को पीछे छोड़ते हुए अब दुनिया के सबसे बड़े मंच पर कदम रख दिया है।

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